ना धिन धिन्ना – रमेश चन्द्र शाह

Fairytalesना धिन धिन्ना
पढ़ते हैं मुन्ना

ता-ता थैया
आ जा भैया

ता थई ता थई
ना भई ना भई

धिरकिट धा तू,
सिर मत खा तू

धिन तक धिना
झटपट रीना

धा धा धा धा
अब क्या होगा

धिरकिट धिरकिट
गिरगिट! गिरगिट!

धा धिना धिना धिना
वो देखो दीनू बिना

धा धिना नाती नक
भैया गया है थक

धक – धिन्ना धा धिनक
इमली गयी है पक

ना तिन्ना तिरकिट तान
कहना तू मेरा मान

धिरकिट धिरकिट धिन
धा जाऊंगा मैं वहां

तिरकिट तिरकिट तिन ता
चल जा तू झटपट आ

ना तिन तिन्ना ना धिन धिन्ना
बस्ता पटक कर दौड़े मुन्ना

धागे-तिरकिट तूना-कत्ता थीं तृक धिना
भागे सरपट दीनू टिल्लू रीना मीना !

∼ रमेश चन्द्र शाह

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