किताबें कुछ कहना चाहती हैं – सफ़दर हाश्मी

Face Booksकिताबें करती हैं बातें
बीते ज़मानों की
दुनिया की, इंसानों की
आज की, कल की
एक-एक पल की
ख़ुशियों की, ग़मों की
फूलों की, बमों की
जीत की, हार की
प्यार की, मार की
क्या तुम नहीं सुनोगे
इन किताबों की बातें?

किताबें कुछ कहना चाहती हैं।
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं॥

Thoughtful Booksकिताबों में चिड़िया चहचहाती हैं
किताबों में खेतियाँ लहलहाती हैं
किताबों में झरने गुनगुनाते हैं
परियों के किस्से सुनाते हैं

किताबों में राकेट का राज़ है
किताबों में साइंस की आवाज़ है
किताबों में कितना बड़ा संसार है
किताबों में ज्ञान की भरमार है
क्या तुम इस संसार में
नहीं जाना चाहोगे?

किताबें कुछ कहना चाहती हैं।
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं॥

∼ सफ़दर हाश्मी

Check Also

2022 Commonwealth Games: Birmingham Medal Table

2022 Commonwealth Games: Birmingham Medal Table

Event Name: 2022 Commonwealth Games Host city: Birmingham, England Motto: Sport is the beginning of all Nations …

One comment

  1. Bahut Hard poem hai…