Hindi Shayari

Hindi Shayari

हवा से कह दो

हवा से कह दो खुद को आज़मा के दिखाये,
बहुत चिराग बुझाती है एक जला के दिखाये!

मूर्ति बेचने वाले

एक मूर्ति बेचने वाले के लिए दो लाइन अर्ज है, पसंद आये तो शेयर जरुर किजीयेगा।

गरीबो के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान खुद बिक जाते है बाजारों में…

प्यार

ऐ सुरज मेरे अपनो को यह पैगाम देना;
खुशियों का दिन हँसी की शाम देना;
जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को;
तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना।

धुंधले चेहरे

तूने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया,
कितने रिश्ते तेरी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ,
कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है,
कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ!

पत्थर

बचपन में एक पत्थर तबियत से ऊपर उछाला था कभी…!
आज अपने हालात देख कर लगता है
कहीं वो ऊपर वाले को तो नहीं लग गया…!

ईमानदार

अजीब दस्तूर है इस दुनिया का,
कमाई चाहे कितनी भी बेईमानी की हो
चौकीदार तो ईमानदार ही चाहिए!

मासूम हिरणी

शिकारी ने बक्श दीया उस नन्ही सी जान को.
मासूम हिरणी को भी सोचना चाहिये कि
हमेशा रफ्तार ही नहीं, दया भी काम आती है!

तिरंगे पर शायरी

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता.

सोशल रहिये

गुफ्तगू करते रहिये ये इंसानी फितरत है,
जाले लग जाते है जब मकान बंद रहते है.

दिल की बस्ती

दिल की बस्ती भी अजीब बस्ती है.
जो लूटने वाले के लिये तरसती है!

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