Hindi Shayari

Hindi Shayari

बदनाम शायर की मसहूर शायरी

मेरी आँखों में छुपी उदासी को महसूस तो कर…
हम वह हैं जो सब को हंसा कर रात भर रोते है!

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वो भी आधी रात को निकलता है और मैं भी!
फिर क्यों लोग उसे “चाँद” और मुझे “आवारा” कहते है!

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सामान बांध लिया है मैंने अपना अब बताओ…
कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते!

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कुछ उनकी मजबुरीयां, कुछ मेरी कश्मकश
बस युँ ही एक खूबसूरत कहानी को खत्म कर दिया हमने!

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मै अक्सर अपनी पेंसिल की नोक तोड़ दिया करता था
क्लास मेँ शार्पनर लाने वाली वो अकेली लड़की!

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तेरे दिल तक पहुँचे मेरे लिखे हर लब्ज
बस इसी मकसद से मेरे हाथ कलम पकड़ते है!
रात की तन्हाई में तो हर कोई याद कर लेता है
सुबह उठते ही जो याद आए मोहब्बत उसे कहते हैं!

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आजकल तो धूप भी मोहल्ले की सबसे खूबसूरत लड़की जैसी हो गई है
दिखती कम है और जब दिखती है तो सारा मोहल्ला बाहर निकल आता!

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अपने किस-किस राज़ को बेपर्दा करूँ दोस्त?
जिस उम्र मेँ अक्ल आती है… उस उम्र मेँ हम मुहब्बत कर बैठे!

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काश कहीं से मिल जाते वो अलफाज मुझे भी,
जो तुझे बता सकता की मै शायर कम तेरा दीवाना ज्यादा हूं!

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इश्क की पतंगे उडाना छोड़ दी
वरना हर हसीनाओं की छत पर हमारे ही धागे होते!

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पहचान कफन से नही होती है दोस्तों..
लाश के पीछे काफिला बयाँ कर देता है
रुतबा किसी हस्ती का है …

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ऐ समन्दर मैं तुझसे वाकिफ हूं मगर इतना बताता हूं,
वो आंखें तुझसे ज्यादा गहरी हैं जिनका मैं आशिक हूं..!

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नाम तो लिख दूँ उसका अपनी हर शायरी के साथ…
मगर फिर ख्याल आता है, मासूम है, कहीं बदनाम ना हों जाये!

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हमारी नियत का पता तुम क्या लगाओगे गालिब….
हम तो नर्सरी में थे तब भी मैडम अपना पल्लू सही रखती थी…!

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नमक’ की तरह हो गयी है जिंदगी
लोग ‘स्वादानुसार’ इस्तेमाल कर लेते हैं…!

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जब बिखरेगा इंतज़ार में ज़मीन पर तेरी आँख का आँसू,
एहसास तुझे तब होगा मोहब्बत किसको कहते हैं!..

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यार कोइ मुकदमा ही कर दो हमारे बेवफा सनम पर..
कम से कम हर पेशी पर यार ए हुस्न का दिदार तो हो जायेगा

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जो मिलते हैं वो बिछड़ते भी हैं ”साहिब” हम नादान थे …!!
कुछ मुलाकातो को जिंदगी समझ बैठे!

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खाने को ग़म, पीने को आंसू, बिछाने को चाहें, ढकने को आहें…
शायर की झोपडी में किस चीज़ की कमी है?

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अजीब पैमाना है यहाँ शायरी की परख का,
जिसका जितना दर्द बुरा, शायरी उतनी ही अच्छी!

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फ़क़त ख्वाबो से ही नहीं मिलता सुकून सोने का यारो
किसी की याद में रात भर जागने का भी अपना मज़ा है

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