Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

भीगी पलकें – सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा

भीगी पलकें - सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा

सलवटों के सवंरने का जरिया होतीं हैं भीगी पलकें रुके हुए पानी को तीव्र धारा में बदल देतीं  हैं भीगी पलकें अमावस की रात में पूनम का चाँद बनतीं  हैं भीगी पलकें उतर आई  उदासी को, निकल जाने देती हैं  भीगी पलकें बिखरी हुई घटाओं को घने बादलों में बदलती हैं भीगी पलकें रुकी हुई हवाओं को समीर की गति …

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न होते तुम, तो क्या होता – सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा

न होते तुम, तो क्या होता… न होता कहीं सावन, न होता कहीं उपवन, न होता कहीं समर्पण, न होता कहीं आलिंगन। न होती कहीं रुठन, न होती कहीं अड़चन, न होती कहीं अनबन, न होती कहीं मनावन। न खिलते कहीं फूल, न होते कहीं शूल, न होती कहीं अमराई, न मन लेता अंगड़ाई। न बदरा बनते बौझार, न झरना …

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लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में – नीरज

लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में हज़ारो रंग के नज़ारे बन गये सवेरा जब हुआ, तो फूल बन गये जो रात आई तो सितारें बन गये कोई नग्मा कहीं गूंजा, कहा दिल ने ये तू आई कहीं चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शरमाई कोई खुशबू कहीं बिखरी, लगा ये जुल्फ लहराई लिखे जो खत तुझे, वो …

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नव वर्ष मुबारक – शबनम शर्मा

नव वर्ष, हथेलियाँ ज़मीन पर टिकाए सिर्फ़ सीटी बजने की इंतज़ार में पलों, दिनों, सप्ताहों, महीनों के साथ बाधा दौड़ में कुलांचे भरने को तैयार, भूल गए, धूमिल हो गए वो पल, रेल हादसे, तूफ़ान भूकंप के झटके व अनेकों विपदाएँ इक सैलाब भींचे मुट्ठियाँ, आँखें मूँद कर इसमें डूबने को आतुर कहते हुए ‘नव वर्ष मुबारक हो।’ काश कि …

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नया साल आएगा एक और संकल्प – वीणा सिंह चौधरी

नया साल आएगा फिर से आशा की नई किरणों को सजा कर। इस बार उन सुनहरी किरणों में नव वर्ष की शुरुआत चलो मिल कर करें एक बार फिर से। दृढ संकल्प शिक्षा का प्रचार करने का गरीबी दूर भगाने का बेरोज़गारी मिटाने का समानता को धराताल पर लाने का भाइचारे की भावना को पुन: बीजारोपित करने का। विश्वबंधुत्व को …

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नर हो, न निराश करो मन को – मैथिली शरण गुप्त

नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो कुछ तो उपयुक्त करो तन को नर हो, न निराश करो मन को संभलो कि सुयोग न जाय चला कब व्यर्थ हुआ सदुपाय भला समझो जग को न …

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धन्य हुआ रे राजस्थान – क्षत्रिय सवाई सिंह भाटी

धन्य हुआ रे राजस्थान, जो जन्म लिया यहां प्रताप ने। धन्य हुआ रे सारा मेवाड़, जहां कदम रखे थे प्रताप ने॥ फीका पड़ा था तेज़ सुरज का, जब माथा उन्चा तु करता था। फीकी हुई बिजली की चमक, जब-जब आंख खोली प्रताप ने॥ जब-जब तेरी तलवार उठी, तो दुश्मन टोली डोल गयी। फीकी पड़ी दहाड़ शेर की, जब-जब तुने हुंकार …

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माँ शेरांवालिये – देव कोहली

जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी जय माता दी, जय माता दी, जय माता दी दर्द जो होंदे दर्द मिटान्दिया माँ चिंता की भुलान्दिया माँ शेरवांलिये तेरा शेर आ गया अपने खून से नहलाने तेरा बेटा आ गया माँ शेरवांलिये तेरा शेर आ गया अपने खून से नहलाने तेरा बेटा आ गया माँ शेरां वालिये माँ जोतां वालिये माँ मेहरां वालिये …

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दुनिया से दूर जा रहा हूँ – आनंद बक्षी

हे माई मेरी सच्चियां जोतां वाली माता तेरी सदा ही जय ओ माँ मेरी माँ दुनिया से दूर जा रहा हूँ मैं तेरे पास आ रहा हूँ आ दुनिया से दूर जा रहा हूँ माँ तेरे पास आ रहा हूँ आ जय माता जय माता हर आता हर जाता ये गाया जय माता मैं भी ये गीत गा रहा हूँ …

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लुका चुप्पी बहुत हुई – जावेद अख्तर

लुका चुप्पी बहुत हुई सामने आ जा ना कहा कहा ढूंढा तुझे थक गयी है अब तेरी मां आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर धुन्धला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना… क्या बताऊ मां कहा हूँ मै यहा उडने को मेरे खुला आसमान है तेरे किस्सो जैसा भोला सलोना जहा है यहा सपनो वाला मेरी पतंग हो बेफिक्र उद्द …

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