Poems For Kids

Poetry for children: Our large assortment of poems for children include evergreen classics as well as new poems on a variety of themes. You will find original juvenile poetry about trees, animals, parties, school, friendship and many more subjects. We have short poems, long poems, funny poems, inspirational poems, poems about environment, poems you can recite

Buddha in Glory: Enlightening Poem On Buddha

Buddha in Glory - Rilke Maria Rainer

Buddha Jayanti is a special day for both Hindus and Buddhists in Nepal. On this day people celebrate the life of Lord Buddha; his Birth, Enlightenment and Mahaparinirvana (Death). Lumbini, in the western Terai plains of Nepal, is the place where Prince Siddhartha (known as the Buddha) was born. The newly-born Prince is believed to have taken seven steps and …

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Twin Verses: Lord Buddha Poetry For Students

Twin Verses - Lord Buddha English Poetry

Buddha Purnima is the most sacred day in the Buddhist calendar. It is the most important festival of the Buddhists, and is celebrated with great enthusiasm. Although Buddhists regard every full moon as sacred, the moon of the month of Vaisakh has special significance because on this day the Buddha was born, attained enlightenment (nirvana), and attained parinirvana (nirvana-after-death of …

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काका हाथरसी के दोहे

काका हाथरसी के दोहे

सन १९०६ में हाथरस में जन्मे काका हाथरसी (असली नाम: प्रभुनाथ गर्ग) हिंदी व्यंग्य के मूर्धण्य कवि थे। उनकी शैली की छाप उनकी पीढ़ी के अन्य कवियों पर तो पड़ी ही, आज भी अनेकों लेखक और व्यंग्य कवि काका की रचनाओं की शैली अपनाकर लाखों श्रोताओं और पाठकों का मनोरंजन कर रहे हैं। व्यंग्य का मूल उद्देश्य लेकिन मनोरंजन नहीं …

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चांद पर मानव: काका हाथरसी

This poem was written by Kaka Hathrasi, when man had for the first time reached on moon. Big deal! Many thought. चांद पर मानव: काका हाथरसी ठाकुर ठर्रा सिंह से बोले आलमगीर पहुँच गये वो चाँद पर, मार लिया क्या तीर मार लिया क्या तीर, लौट पृथ्वी पर आये किये करोड़ों खर्च, कंकड़ी मिट्टी लाये ‘काका’, इससे लाख गुना अच्छा …

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कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ: काका हाथरसी

दाढ़ी महिमा - काका हाथरसी

Here is an excerpt from a very funny and at a time very popular poem of Kaka Hathrasi. See Kakas advice on how to raise the standard of your life! प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो, बदल रहे अणु, कण-कण देखो। तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो। भाग्य वाद पर अड़े हुए हो। छोड़ो मित्र! पुरानी डफली, जीवन में परिवर्तन लाओ। परंपरा …

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स्त्री: सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता

स्त्री: सुमित्रानंदन पंत

सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जैसे कवियों का युग कहा जाता है। सुमित्रानंदन पंत जी प्रकृति और प्यार पर बहुत सारे कविताएं लिखी है। सुमित्रानंदन पंत हिन्दी कविता: स्त्री यदि स्वर्ग कहीं है पृथ्वी पर, तो वह नारी उर के भीतर, …

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माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

माँ-बाप: बुजुर्ग माता पिता पर हिंदी कविता

देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं… सुबह की सैर में, कभी चक्कर खा जाते है, सारे मौहल्ले को पता है, पर हमसे छुपाते है… दिन प्रतिदिन अपनी, खुराक घटाते हैं, और तबियत ठीक होने की, बात फ़ोन पे बताते है… ढीली हो गए कपड़ों, को टाइट करवाते है, देखते ही देखते जवान, माँ-बाप बूढ़े हो जाते हैं…! …

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इनकम टैक्स पर हिंदी हास्य कविता: ये कहाँ आ गए हम

इनकम टैक्स पर हिंदी हास्य कविता: ये कहाँ आ गए हम

इनकम टैक्स क्या है? इनकम टैक्स कामकाजी लोगों द्वारा अर्जित आय पर लगाया जाने वाला टैक्स होता है। अधिकतर सरकारें अपने अधिकारक्षेत्र की सभी कंपनियों की फाइनेंशियल आय पर टैक्स लगाती हैं। सरकार की सभी गतिविधियों के लिए पैसों का इंतजाम मुख्य रूप से टैक्स से ही होता है। सभी बिज़नेस और व्यक्तियों को हर साल इनकम टैक्स रिटर्न दायर …

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झूठे लोग: आज के दौर पर कटाक्ष करती कविता

झूठे लोग: आज के दौर पर कटाक्ष करती कविता

आज का हिन्दू युवा बॉलीवुड, चलचित्रों, इंटरनेट आदि  द्वारा तेजी से धर्मविमुख हो रहा है इसके लिए माता-पिता को बचपन से ही धर्म की शिक्षा देनी चाहिए और कॉन्वेंट जैसे स्कूलों में नही पढ़ाकर गुरूकुलों में या  किसी ऐसे स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजना चाहिए जहां धर्म का ज्ञान मिलता हो, नही तो बच्चों में संस्कार नही होंगे तो …

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