जैयकारा शेरोंवाली का बोल साँचे दरबार की जै दुर्गा है मेरी माँ, अंबे है मेरी माँ ओ बोलो जै माता की, जै हो ओ बोलो जै माता की, जै हो जो भी दर पे आए, जै हो वो खाली ना जाए, जै हो सब के कम हैं करती, जै हो सब के दुखड़े हारती, जै हो ओ मैया शेरॉँवली, जै …
Read More »दो नयन मेरी प्रतीक्षा में खड़े हैं – हरिवंश राय बच्चन
पंथ जीवन का चुनौती दे रहा है हर कदम पर, आखिरी मंजिल नहीं होती कहीं भी दृष्टिगोचर, धूलि में लद, स्वेद में सिंच हो गई है देह भारी, कौन-सा विश्वास मुझको खींचता जाता निरंतर- पंथ क्या, पंथ की थकान क्या, स्वेद कण क्या, दो नयन मेरी प्रतीक्षा में खड़े हैं। एक भी संदेश आशा का नहीं देते सितारे, प्रकृति ने …
Read More »दिन जल्दी-जल्दी ढलता है – हरिवंश राय बच्चन
हो जाय न पथ में रात कहीं, मंज़िल भी तो है दूर नहीं – यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है। दिन जल्दी-जल्दी ढलता है। बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे – यह ध्यान परों में चिड़ियों के भरता कितनी चंचलता है। दिन जल्दी-जल्दी ढलता है। मुझसे मिलने को कौन विकल? मैं होऊँ किसके …
Read More »दिल विल प्यार व्यार मैं क्या जानू रे – मजरूह सुल्तानपुरी
दिल ले लिया है तो इसको मत बेक़रार करना कोई नही है इसका इस दिल को प्यार करना आइय… दिल विल प्यार व्यार मे क्या जानू रे जानू तो जानू बस इतना की मे तुझे अपना जानू रे दिल विल… तू है बुरा तो होगा पर बातो मे तेरी रस है जैसा भी है मुझे क्या अपना लगे तो बस …
Read More »चंपा और चमेली कह दूँ – योगेश समदर्शी
जीवन की सूनी गलियों को कैसे रंग रंगीली कह दूँ नकली फूलों को मैं कैसे चंपा और चमेली कह दूँ हर बगिया में शूल बचे हैं कलियाँ तो सारी कुम्हलाईं कैसे कह दूँ सब सुन्दर है जब बगिया सारी मुरझाई बादल, बरसे बिन पानी के कैसी अजब पहेली कह दूँ जीवन के सारे गुण सुन्दर लुप्त हुए हैं देखो तो …
Read More »दीवाना ले के आया है – मजरुह सुलतानपुरी
दीवाना ले के आया है दिल का तराना देखो कही यारों ठुकरा न देना, मेरा नज़राना आज का दिन है कितना सुहाना, झूम रहा प्यार मेरा पूरे हो दिल की सारी मुरादें, खुश रहे यार मेरा चाँद सा जीवन साथी मुबारक, जीवन में आना अपने भी हैं कुछ ख्वाब अधूरे, कौन अब गिने कितने सच तो ये है मेरे दोस्त …
Read More »क्लास मॉनिटर – जसलीन कौर
यह मॉनिटर बन कक्षा के बड़ी शान दिखाते हैं, क्लास में रौब है बाहर धक्के खाते हैं। झूठी झूठी शिकायतों से हम सब को पिटवाते हैं, मीठी मीठी बातों से टीचर जी को बहलाते हैं। टीचर के ना आने पर खुद शासक बन जाते हैं, ज़रा सा कुछ बोल दो टीचर से शिकायत करने जाते हैं। छोटी छोटी बातों का बतंगड़ …
Read More »डाल डाल टेसू खिले – सुनीता चोटिया
∼ सुनीता चोटिया
Read More »चूं चूं चूं चूं म्याऊं म्याऊं – अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
चूं चूं चूं चूं चूहा बोले म्याऊं म्याऊं बिल्ली ती ती कीरा बोले झीं झीं झीं झीं झिल्ली किट किट किट बिस्तुइया बोले किर किर किर गिलहैरी तुन तुन तुन इकतारा बोले पी पी पी पिपहैरी टन टन टन टन घंटी बोले ठन ठन ठन्न रूपैया बछड़ा देखे बां बां बोले तेरी प्यारी गइया ठनक ठनक कर तबला बोले डिम …
Read More »बिखर रहा हूँ मेरे दोस्त – दीपक शर्मा
बिखर रहा हूँ मेरे दोस्त संभालो मुझको, मोतियों से कहीं सागर की रेत न बन जाऊँ कहीं यह ज़माना न उड़ा दे धूल की मानिंद ठोकरें कर दें मजरूह और खून में सन जाऊँ। इससे पहले कि दुनिया कर दे मुझे मुझ से जुदा चले आओ जहाँ भी हो तुम्हें मोहब्बत का वास्ता मैं बेचैनियों को बहलाकर कर रहा हूँ …
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