मन के रोग और योग: Role of Yoga & Mindfulness in Severe Mental Illnesses

मन के रोग और योग: Role of Yoga & Mindfulness in Severe Mental Illnesses

तन से ज्यादा भारी हो जाता है मन,
जब आ जाता है अवसाद की जकड़ में।
कुंठने लगती है जीने की चाह,
जब खुशियां नहीं आतीं पकड़ में।।

मन हमारे शरीर का ऐसा अवयव है, जो न तो दिखता है, न महसूस होता है। जिसे हम छू भी नहीं सकते, लेकिन उसका हमारे शरीर पर पूरा नियंत्रण है। इसलिए इसका स्वस्थ और संतुलित होना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कहा भी गया है:

मन एव मनुष्याणां कारणं बंधमोक्षयो:

अर्थात् मन ही मनुष्य के बंधन और मोक्ष का कारण है। मन वह है जो सोचता है, ग्रहण करता है, कल्पना करता है, याद रखता है और इच्छा-शक्ति भी रखता है। हमारे उपनिषदों में मन को रथ कहा गया है। इंद्रियां घोड़े हैं और बुद्धि सारथी है। इंद्रियां यदि इसे भटका दें तो रथ कहीं का कहीं पहुंच जाता है। श्रीमद्भगवद् गीता जी के अनुसार काम और क्रोध इसे भटकाते हैं तथा अभ्यास और वैराग्य अर्थात् अनासक्ति से इसे सीधे रास्ते पर ला सकते हैं।

Meditation Begins In Baby Steps
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मन के रोग और योग: Yoga & Mindfulness in Severe Mental Illnesses

मन की गति बहुत तेज होती है। पल भर में ही यह पूरे विश्व का भ्रमण कर सकता है:

मन चंचल है जीव का, यह दौड़े हर ओर।
मन में तृप्ति कहीं नहीं, मन में गूंजे शोर।

मन को नियंत्रित करने वाले मुख्य हार्मोन हैं सेरोटोनिन, डोपामाइन, एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन। ये फीलगुड हॉर्मोन्स हैं जो मूड, खुशी व भावनाओं को नियंत्रित करने में अहम् भूमिका निभाते हैं। हॉर्मोन शरीर के रासायनिक संदेश वाहक होते हैं। ग्रंथियों द्वारा रक्त प्रवाह में छोड़े जाने के बाद ये विभिन्न अंगों और ऊतकों पर काम करते हैं। ये हमारे शरीर के कार्य करने के तरीके से लेकर भावनाओं तक को नियंत्रित करते हैं। जब भावनाएं अनियंत्रित हो जाती हैं या हमारी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती तो मन बेचैन हो जाता है, भावनाएं कुंठित होने लगती हैं, मन में विकार आने शुरू हो जाते हैं। यही स्थिति मनोरोग या मानसिक रोग कहलाती है। इस रोग की उत्पत्ति मनोमय कोश से मानी गई है। मन के रोग को हमारे शास्त्रों में आधि के नाम से भी जाना गया है। इस रोग का शारीरिक स्तर पर कोई लक्षण नहीं दिखता। इसमें उदासी, निराशा, चिंता, डर, घबराहट, मतिभ्रम आदि लक्षण दिखते हैं। जीवन में ईर्ष्या, द्वेष, घृणा आदि भी मनोरोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उसकी कमीज मेरी कमीज से ज्यादा सफेद कैसे? उसकी साड़ी मेरी साड़ी से अधिक सुंदर क्यों? उसके बच्चे के नंबर मेरे बच्चे से ज्यादा कैसे आ गए? ये सब छोटी-छोटी बातें कब विकराल रूप लेकर हमें मन का रोगी बना देती हैं, हमें पता ही नहीं चलता। इसलिए:

मनसा वाचा कर्मणा सद्भावेन सदा भवेत्
अधर्मं च न कर्तव्यं धर्मं चरतु सर्वदा

अर्थात् मन, वचन और कर्म से सदा अच्छे भाव रखें। अधर्म के कार्यों से बचें और सदैव धर्म का पालन करें। मन के कुविचारों से, अशांति से और मन के भटकाव से छुटकारा पाने के लिए योग ही सर्वोत्तम साधन है क्योंकि महर्षि पतंजलि जी के अनुसार:

योगश्चित्तवृत्ति निरोध:।

अर्थात् योग का मूल उद्देश्य मन की अस्थिरता को दूर करना है।

योग केवल आसन, प्राणायाम नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवन-शैली है। योग में शारीरिक गति और साँस लेने तथा आत्म-चेतना के बीच पूरा ताल-मेल रहता है। नित्य प्रति योगाभ्यास करने से अवसाद दूर होता है, मनोदशा में सुधार होता है, दैनिक व सामाजिक गतिविधियों में रोगी का मन लगने लगता है। इससे एकाग्रता, ध्यान, स्मरण-शक्ति, निद्रा व भूख भी बढ़ जाती है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और मनोरोग विज्ञान संस्थान (निमहंस) में किए गए अनुसंधान से यह भी पता चला है कि योग से मनोरोगियों के सहानुभूतिपूर्ण लहजे में बढ़ोतरी, कोर्टिसोल स्तर को कम करने और न्यूरो इन्फ्लेमेशन में गिरावट जैसे प्रभाव देखे गए हैं। योग करने से ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन के स्तर में वृद्धि होती है, जिसे जादुई झप्पी का हॉर्मोन भी कहते हैं।

Inner peace is what we all need
Inner peace is what we all need

ध्यान देने योग्य बात यह है कि योगाभ्यास सदैव एक कुशल व अनुभवी शिक्षक की देख-रेख में ही किया जाना चाहिए। केवल पढ़कर या सुनकर अथवा किसी वीडियो में देखकर किया जाने वाला अभ्यास सही मार्ग-दर्शन नहीं कर सकता। चरणबद्ध तरीके पर पहले आसनों के अभ्यास से शरीर पर नियंत्रण, पश्चात् प्राणायाम साधना से श्वासों पर नियंत्रण और इसके बाद धारणा व ध्यान के अभ्यास से मन पर नियंत्रण करने का प्रयास करना चाहिए। ध्यान मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने में रामबाण सिद्ध होता है। यह तनाव, चिंता, अवसाद को दूर करने में सहायता करता है। तो फिर देर किस बात की, भारतीय योग संस्थान के अपने निकटतम केंद्र में जाकर योग अभ्यास करें व शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।

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