परिवार मनुष्य की पहली पाठशाला होने के साथ ही उसके जीवन का अभिन्न अंग भी होता है। एक परिवार ही है, जो हमेशा आपके साथ खड़ा रहता है। जीवन में कैसी भी परिस्थिति क्यों न आ जाए, परिवार हमेशा आपका साथ देता है, इसलिए परिवार में प्यार बना रहना चाहिए।
प्रसिद्ध कवियों की पारिवारिक कविताएँ और मन को प्रसन्न करने वाली छोटी-छोटी बाल-कविताएँ। परिवार के बारे में छोटे बच्कचों की कवितायेँ पढ़ें और दोस्वितों के साथ साझा करें।
परिवार के विषय पर बेहतरीन 10 कविताएँ
- मां
‘मां’ : परिवार पर हिंदी बाल-कविता [1]
घर-गृहस्थी की बढ़ाए शान,
रे, कोई न तीर्थ मां समान।
अरे मां है तो अभिनव है,
मां के कारण ही वैभव है।
विवेक की आंखें खोले मां,
अपने मुख से जब बोले मां।
मां धैर्यवती मां सहनशील,
मां सेवा में न बरतो ढील।
हाव-भाव मां सब कुछ जाने,
वैद्य बन मां नब्ज पहचाने।
मां भरे एक साहस उड़ान,
मां से बढ़कर कौन महान।
कितने सुंदर मूल सिद्धांत,
दुख में रहती मां है शांत।
उंगली पकड़ पथ दिखलाए,
चूम के माथा हर्ष मनाए।
लाड उडेले बांटे प्यार,
रे, करो तुम इसका सत्कार।
सुनकर मां की सीख सुहानी,
भरे ‘प्रसाद’ आंखों में पानी।
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