अप्पू का हेलमेट: “कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहा” कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी। अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकने लगा। कमरे का सारा सामान उल्टा पुल्टा पड़ा हुआ था और एक आदमी बड़बड़ाता हुआ अपना हेलमेट …
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What is Philosophy of Karma (Nine Tattvas) in Jainism?
Philosophy of Karma in Jainism: 1Jiva (Soul or Living being Substance) – Karma in Jainism: All living beings are called Jivas. Jivas have consciousness known as the soul, which is also called the atma (soul – chetan). The soul and body are two different entities. The soul can not be reproduced. It is described as a sort of energy which …
Read More »Paper Folding Hut: Step By Step Procedure
Origami, also called paper folding, art of folding objects out of paper to create both two-dimensional and three-dimensional subjects. Chinese paper folding, or zhezhi, is the art of paper folding that originated in medieval China. … Traditional Chinese paper folding concentrates mainly on objects like boats or hats rather than the animals and flowers of Japanese origami. Origami is a …
Read More »अपने ऑफिस में रखें वास्तु शास्त्र का ध्यान
अपने ऑफिस में रखें वास्तु शास्त्र का ध्यान: करियर में आगे बढ़ने के लिए हम कड़ी मेहनत करते हैं। यह मेहनत करने में तब और प्रेरणा मिलती है जब हमारा वर्क प्लेस सकारात्मकता और ऊर्जा से भरा हो। आज हम ऐसे कुछ वास्तु टिप्स शेयर करेंगे जो आपके वर्क प्लस का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करेगा… …
Read More »कनुप्रिया (इतिहास: सेतु – मैं): धर्मवीर भारती
कनुप्रिया (इतिहास: सेतु – मैं): धर्मवीर भारती धर्मवीर भारती (२५ दिसंबर, १९२६- ४ सितंबर, १९९७) आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक और सामाजिक विचारक थे। नीचे की घाटी से ऊपर के शिखरों पर जिस को जाना था वह चला गया – हाय मुझी पर पग रख मेरी बाँहों से इतिहास तुम्हें ले गया! सुनो कनु, सुनो क्या मैं सिर्फ एक …
Read More »फूल मोमबत्तियां सपने: धर्मवीर भारती
फूल मोमबत्तियां सपने: धर्मवीर भारती धर्मवीर भारती (२५ दिसंबर, १९२६- ४ सितंबर, १९९७) आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक, कवि, नाटककार और सामाजिक विचारक थे। उनका जन्म इलाहाबाद के अतर सुइया मुहल्ले में हुआ। उनके पिता का नाम श्री चिरंजीव लाल वर्मा और माँ का श्रीमती चंदादेवी था। स्कूली शिक्षा डी. ए. वी हाई स्कूल में हुई और उच्च शिक्षा …
Read More »आओ मिलकर पेड़ लगायें: सुरिंदर शर्मा
आओ मिलकर पेड़ लगायें: वृक्षारोपण पर कविता वृक्ष लगाने के लाभों पर हमारे पूर्वजों द्वारा लंबे समय तक जोर दिया गया है। पेड़ों की पूजा करना पेड़ लगाने के लाभों को स्वीकार करने का एक और तरीका है। पेड़ हमें छाया, फल, फूल और छाल प्रदान करते हैं। लेकिन पेड़ लगाने के सबसे महत्वपूर्ण लाभों में ताजा हवा (ऑक्सीजन) और …
Read More »तू तुम आप: Bal Kavita on Good Manners & Etiquette
तू तुम आप: ओमप्रकाश बजाज जी की शिष्टाचार एव आदर भाव पर हिंदी कविता तू तुम आप: शिष्ट या सभ्य पुरुषों का आचरण शिष्टाचार कहलाता है। दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार, घर आने वाले का आदर करना, आवभगत करना, बिना द्वेष और नि:स्वार्थ भाव से किया गया सम्मान शिष्टाचार कहलाता है। शिष्टाचार से जीवन महान् बनता है। हम लघुता सं …
Read More »Animals Images, Stock Photos
Animals Images: Collection of Pet & wild animals images, which you can use for your school science projects. Please keep visiting this page, as we add new images on regular interval. Happy browsing! Animals are eukaryotic organisms with many cells. They do not use light to get energy as plants do. Animals use different ways to get energy from other …
Read More »मिठाई: ओम प्रकाश बजाज की बाल-कविता
भारतीय मिठाई पर ओम प्रकाश बजाज की बाल-कविता भारतीय मिठाइयाँ या मिष्ठान्न शक्कर, अन्न और दूध के अलग अलग प्रकार से पकाने और मिलाने से बनती हैं। खीर और हलवा सबसे सामान्य मिठाइयाँ हैं जो प्रायः सभी के घर में बनती हैं। ज्यादातर मिठाइयाँ बाज़ार से खरीदी जाती हैं। मिठाइयाँ बनाने वाले पेशेवर बावर्चियों को ‘हलवाई’ कहते हैं। भारत की संस्कृति …
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