Yearly Archives: 2017

सुबह सुबह से ही रोजाना – प्रभुदयाल श्रीवास्तव

सुबह सुबह से ही रोजाना - प्रभुदयाल श्रीवास्तव

हार्न‌ बजाकर बस का आना, सुबह सुबह से ही रोज़ाना। चौराहों पर सजे सजाये, सारे बच्चे आँख गड़ाये, नज़र सड़क पर टिकी हुई है, किसी तरह से बस आ जाये, जब आई तो मिला खज़ाना, सुबह सुबह से ही रोज़ाना। सुबह सुबह सूरज आ जाता, छत आँगन से चोंच लड़ाता, कहे पवन से नाचो गाओ, मंदिर में घंटा बजवाता, कभी …

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बुंदेलखंड के लोक देवता लाला हरदौल

बुंदेलखंड के लोक देवता लाला हरदौल

बुंदेलखंड में वैसे तो कई लोक देवियां और देवता हैं लेकिन उनमें से एक हैं ‘लाला हरदौल’। हरदौल की शौर्य गाथा को बयां करते कई नाट्य मंडल गांवों में अपनी  प्रस्तुतियां देते हैं। लोक देवता के रूप में लाला हरदौल इतने पूज्य हैं कि बुंदेलखंड में किसी लड़की का विवाह हो तो पहला भात लाला हरदौल की तरफ से ही …

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सोना सुनार का, गहना संसार का – कहानियां कहावतो की

सोना सुनार का, गहना संसार का – कहानियां कहावतो की

एक दिन रामफल सुनार की दुकान पर गया| उसके नाती का विवाह था। वह अपने साथ एक हँसुली ले गया। इस एक हँसुली से वह अपने तीन बेटों और एक नाती का विवाह कर चूका था। इस बीच वह तीन बार हँसुली को बदलवा चूका था। हर बार सुनार हँसुली के सोने के भार में से ताम्बे के टाँके का …

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मनेर शरीफ, बिहार

मनेर शरीफ, बिहार

मनेर शरीफ पटना से प्राय: 30 कि.मी. दक्षिण-पश्चिम की ओर है। किसी समय यह सोन और गंगा नदी के संगम पर बसा हुआ था। आज का मनेर करीब दो हजार घरों का एक छोटा-सा कस्बा है और सड़क के किनारे कुछ दुकानें हैं जिसमें दैनिक जीवन में काम आने वाली चीजें मिल जाती हैं। यहां का ‘नुकदी का लड्डू’ बहुत …

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गिरिजा कुमार माथुर जी द्वारा शब्द-चित्रण – थकी दुपहरी

गिरिजा कुमार माथुर जी द्वारा शब्द-चित्रण - थकी दुपहरी

थकी दुपहरी में पीपल पर काग बोलता शून्य स्वरों में फूल आखिरी ये बसंत के गिरे ग्रीष्म के ऊष्म करों में धीवर का सूना स्वर उठता तपी रेत के दूर तटों पर हल्की गरम हवा रेतीली झुक चलती सूने पेड़ों पर अब अशोक के भी थाले में ढेर ढेर पत्ते उड़ते हैं ठिठका नभ डूबा है रज में धूल भरी …

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शुरू हुआ उजियाला होना – हरिवंश राय बच्चन

शुरू हुआ उजियारा होना - हरिवंश राय बच्चन

हटता जाता है नभ से तम संख्या तारों की होती कम उषा झांकती उठा क्षितिज से बादल की चादर का कोना शुरू हुआ उजियाला होना ओस कणों से निर्मल–निर्मल उज्ज्वल–उज्ज्वल, शीतल–शीतल शुरू किया प्र्रातः समीर ने तरु–पल्लव–तृण का मुँह धोना शुरू हुआ उजियाला होना किसी बसे द्र्रुम की डाली पर सद्यः जाग्र्रत चिड़ियों का स्वर किसी सुखी घर से सुन …

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सियारामशरण गुप्त हिन्दी कविता: मैं तो वही खिलौना लूँगा

सियारामशरण गुप्त हिन्दी कविता: मैं तो वही खिलौना लूँगा

‘मैं तो वही खिलौना लूँगा’ मचल गया दीना का लाल खेल रहा था जिसको लेकर राजकुमार उछाल–उछाल। व्यथित हो उठी माँ बेचारी – था सुवर्ण – निर्मित वह तो! ‘खेल इसी से लाल, – नहीं है राजा के घर भी यह तो!’ ‘राजा के घर! नहीं नहीं माँ तू मुझको बहकाती है, इस मिट्टी से खेलेगा क्यों राजपुत्र, तू ही …

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काम हमारे बड़े–बड़े: प्रेरणादायक बाल-कविता

काम हमारे बड़े–बड़े: प्रेरणादायक बाल-कविता

हम बच्चे हैं छोटे–छोटे, काम हमारे बड़े–बड़े। आसमान का चाँद हमी ने थाली बीच उतारा है, आसमान का सतरंगा वह बाँका धनुष हमारा है। आसमान के तारों में वे तीर हमारे गड़े–गड़े। हम बच्चे हैं छोटे–छोटे, काम हमारे बड़े–बड़े। भरत रूप में हमने ही तो दांत गिने थे शेरों के, और राम बन दांत किये थे खट्‌टे असुर–लुटेरों के। कृष्ण–कन्हैया …

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Cockfighting Image Gallery, Roosters Fight Stock Photos

Cockfighting Image Gallery, Roosters Fight Stock Photos

Cockfighting Image Gallery, Roosters Fight Stock Photos: Cockfighting is a blood sport because of the harm cocks do to each other in cockpits, exacerbated by metal spurs that can be attached to birds’ own spurs. After the 1959 revolution, Cuba cracked down on cockfighting as part of a ban on gambling. But, over the years that stance has softened. Official …

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