Yearly Archives: 2015

अभी तो झूम रही है रात – गिरिजा कुमार माथुर

अभी तो झूम रही है रात - गिरिजा कुमार माथुर

बडा काजल आँजा है आज भरी आखों में हलकी लाज। तुम्हारे ही महलों में प्रान जला क्या दीपक सारी रात निशा का­सा पलकों पर चिन्ह जागती नींद नयन में प्रात। जगी–सी आलस से भरपूर पड़ी हैं अलकें बन अनजान लगीं उस माला में कैसी सो न पाई–सी कलियाँ म्लान। सखी, ऐसा लगता है आज रोज से जल्दी हुआ प्रभात छिप …

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वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है – दुष्यंत कुमार

वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है - दुष्यंत कुमार

वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है, माथे पे उसके चोट का गहरा निशान है। वे कर रहे हैं इश्क़ पे संजीदा गुफ़्तगू, मैं क्या बताऊँ मेरा कहीं और ध्यान है। सामान कुछ नहीं है फटेहाल है मगर, झोले में उसके पास कोई संविधान है। उस सिरफिरे को यों नहीं बहला सकेंगे आप, वो आदमी नया है मगर सावधान है। …

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वे और तुम – जेमिनी हरियाणवी

वे और तुम - जेमिनी हरियाणवी

मुहब्बत की रियासत में सियासत जब उभर जाए प्रिये तुम ही बतलाओ जिंदगी कैसे सुधर जाए चुनावों में चढ़े हैं वे निगाहों में चढ़ी हो तुम चढ़ाया है तुम्हें जिसने कहीं रो रो न मर जाए उधर वे जीत कर लौटे इधर तुमने विजय पाई हमेशा हारने वाला जरा बोलो किधर जाए उधर चमचे खड़े उनके इधर तुम पर फिदा …

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वालिद की वफ़ात पर – निदा फ़ाज़ली

वालिद की वफ़ात पर - निदा फाज़ली

तुम्हारी कब्र पर मैं फातिहा पढ़ने नहीं आया मुझे मालूम था तुम मर नहीं सकते तुम्हारी मौत की सच्ची खबर जिसने उड़ाई थी वो झूठा था वो तुम कब थे? कोई सूखा हुआ पत्ता हवा से हिल के टूटा था मेरी आँखें तुम्हारे मंजरों में कैद हैं अब तक मैं जो भी देखता हूँ सोचता हूँ वो… वही है जो तुम्हारी …

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तुम – कुंवर बेचैन

तुम - कुंवर बेचैन

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई–सी तुम ज़िंदगी है धूप तो मदमस्त पुरवाई–सी तुम। आज मैं बारिश में जब भीगा तो तुम ज़ाहिर हुईं जाने कब से रह रहीं थीं मुझ में अंगड़ाई–सी तुम। चाहे महफिल में रहूं चाहे अकेला मैं रहूं गूंजती रहती हो मुझमें शोख़ शहनाई–सी तुम। लाओ वो तस्वीर जिसमें प्यार से बैठे हैं हम मैं …

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सद्गुरु जगजीत सिंह जी

सद्गुरु जगजीत सिंह जी

सद्गुरु जगजीत सिंह जी का जन्म 22 नवम्बर 1920 को श्री भैणी साहिब (लुधियाना) में पिता गुरु प्रताप सिंह जी व माता भूपिंद्र के गृह में हुआ। तीक्ष्ण बुद्धि और दैवी शक्तियों के मालिक होने के कारण आपको ‘बेअंत’ के नाम से पुकारा जाता था। गुरु पिता की आज्ञा में रह कर आपने बचपन से ही संगीत विद्या व नाम-वाणी …

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Jodhpur Rajasthan International Folk Festival – Tunes of the dunes

Jodhpur Rajasthan International Folk Festival - Tunes of the dunes

A heady mix of rustic and contemporary notes and global rhythms — Rajasthan folk festival encourages and promotes people’s music Jodhpur RIFF (Rajasthan International Folk Festival) is different. It is music from dawn to midnight and beyond. It coincides with Sharad purnima — the brightest full moon each year. From finding one’s way in the dark before dawn, to get …

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