Yearly Archives: 2015

फरियाद – प्रीत अरोड़ा

फरियाद - प्रीत अरोड़ा

आजादी के इस पावन अवसर पर आइए सुनते हैं इनकी फरियाद चीख-चीखकर ये भी कह रहे हैं आखिर हम हैं कितने आजाद पहली बारी उस मासूम लड़के की जो भुखमरी से ग्रस्त होकर न जाने हर रोज कितने अपराध कर ड़ालता है दूसरी बारी उस अबला नारी की जो आए दिन दहेज़ के लोभियों द्वारा सरेआम दहन कर दी जाती …

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वक़्त का सब्र

वक़्त का सब्र

आगे सफर था… और पीछे हमसफर था… रूकते तो सफर छूट जाता… और चलते तो हम सफर छूट जाता… मुद्दत का सफर भी था… और बरसो का हम सफर भी था… रूकते तो बिछड जाते… और चलते तो बिखर जाते… यूँ समँझ लो… प्यास लगी थी गजब की… मगर पानी मे जहर था… पीते तो मर जाते… और ना पीते …

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बन्दर ही बन्दर

एक बार एक आदमी ने गांववालों से कहा की वो 1000 रु में एक बन्दर खरीदेगा, ये सुनकर सभी गांववाले नजदीकी जंगल की और दौड़ पड़े और वहां से बन्दर पकड़ पकड़ कर 1000 रु में उस आदमी को बेचने लगे। कुछ दिन बाद ये सिलसिला कम हो गया और लोगों की इस बात में दिलचस्पी कम हो गयी। फिर …

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हम होंगे कामयाब – गिरिजा कुमार माथुर

हम होंगे कामयाब - गिरिजा कुमार माथुर

होंगे कामयाब होंगे कामयाब हम होंगे कामयाब एक दिन मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन। होगी शांति चारो ओर होगी शांति चारो ओर होगी शांति चारो ओर… एक दिन मन में है विश्वास पूरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन। नहीं डर किसी का आज नहीं डर किसी का आज नहीं डर किसी …

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पिताजी की अठन्नी

पिताजी की अठन्नी

पिताजी के अचानक आ धमकने से पत्नी तमतमा उठी… “लगता है, बूढ़े को पैसों की ज़रूरत आ पड़ी है, वर्ना यहाँ कौन आने वाला था… अपने पेट का गड्ढ़ा भरता नहीं, घरवालों का कहाँ से भरोगे ?” मैं नज़रें बचाकर दूसरी ओर देखने लगा। पिताजी नल पर हाथ-मुँह धोकर सफ़र की थकान दूर कर रहे थे। इस बार मेरा हाथ कुछ …

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कब और कैसे अस्तित्व में आया WWW?

कब और कैसे अस्तित्व में आया WWW?

इंटरनेट के जरिए वर्तमान में दुनिया भर की हर तरह की मह्त्बपूर्ण जानकारियों को एक कमरे में रखे कंप्यूटर की स्क्रीन पर समेत कर ला देने वाला मूल मन्त्र WWW (World Wide Web) आज हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनता जा रहा रहे! दुनिया भर में मौजूद करोडो कम्प्यूटरों पर यही शब्द प्रतिदिन असंख्य बार टाइप किया जाता है लॉकिंग …

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ट्रांसफर

Transfer

पापा का ट्रांसफर हो जाये तो नई जगह पर जाना पड़ता है, नए स्कूल में नए साथियो से परिचय बढ़ाना पड़ता है! पुराने स्थान पुराने साथियों की यादो को मन से हटाना पड़ता है कई अंकल ट्रांसफर होने पर भी परिवार को साथ नहीं ले जाते हैं, ऐसे हमारे सहपाठी वहीं रह कर परिवर्तन की पीड़ा से बच जाते है! …

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किसान का इंटरव्यू

किसान का इंटरव्यू

एक टी.वी. पत्रकार एक किसान का इंटरव्यू ले रहा था… पत्रकार : आप बकरे को क्या खिलाते हैं…? किसान : काले को या सफ़ेद को…? पत्रकार : सफ़ेद को… किसान : घास… पत्रकार : और काले को…? किसान : उसे भी घास… पत्रकार : आप इन बकरों को बांधते कहाँ हो…? किसान : काले को या सफ़ेद को…? पत्रकार : …

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इब्‍नबतूता बगल में जूता – गुलजार

इब्‍नबतूता बगल में जूता – गुलजार

इब्‍नबतूता बगल में जूता पहने तो करता है जुर्म उड़ उड़ आवे, दाना चुगे उड़ जावे चिड़िया फुर्र अगले मोड़ पर मौत खड़ी है अरे मरने की भी क्‍या जल्‍दी है हार्न बजा कर आ बगिया में दुर्घटना से देर भली है दोनों तरफ से बजती है यह आए हाए जिंदगी क्‍या ढोलक है हार्न बजा कर आ बगिया में …

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