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नानी का घर

Nani Ka Gharनानी के घर जाउंगी मैं,
चुप-चुप-चुप।

वहां पर लड्डू पेड़े खाऊँगी मैं,
छुप-छुप-छुप।

और अगर आवाज हो गई,
नानी जी के कान पड़ गई,
और वो बोली कौन है वहां?
मैं बोलूंगी चूहा, मैं बोलूंगी चूहा।

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