Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » Namaz Poetry in Hindi नमाज याद रखना
Namaz Poetry in Hindi नमाज याद रखना

Namaz Poetry in Hindi नमाज याद रखना

रमजाने-पैगाम याद रखना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

आयतें उतरी जमीं पे जिस रोज,
अनवरे-इलाही आयी उस रोज।

इनायत खुदा की न कभी भूलना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

खयानत का ख्याल तू दिल से निकाल दे,
खुदी को मिटा खुदाई में तस्लीम कर दे।

क़यामत के कहर में भी ये कलाम न छोड़ना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

अदावत का गुल ना खिल पाये कभी,
हबीबों की हस्ती ना हिल पाये कभी।

जुर्मों की जहाँ से सदा परहेज करना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

पीर-फकीर, मौलाना हुए इसी राह पे चलकर,
उतारा आयतों को दिल में जुल्मों-सितम सहकर।

हर मर्ज की दवा है, वल्लाह, ना भूलना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

हम हैं नूर खुदा के, सबसे प्यारे हैं खुदा के,
मोमिनों अहिंसक बनो, कह गए पैगम्बर सबसे।

जख्म ना पाये कोई जीव हमसे, सदा रहम करना,
हर वक्त हो नमाज याद रखना।

~ बसंत लाल दास

आपको बसंत लाल दास जी की यह कविता “नमाज याद रखना” आप को कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

Bollywood Children's Film: Alif Movie Review

Bollywood Children’s Film: Alif Movie Review

CAST: Aditya Om, Saud Mansuri, Neelima Azeem, Danish Hussain, Jaya Bachchan (narrator) DIRECTION: Zaigham Imam …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *