Tag Archives: Hindi Poems on Festivals

हो हल्ला है होली है: प्रभुदयाल श्रीवास्तव – होली विशेष हिंदी बाल-कविता

होली विशेष हिंदी बाल-कविता: हो हल्ला है होली है

उड़े रंगों के गुब्बारे हैं, घर आ धमके हुरयारे हैं। मस्तानों की टोली है, हो हल्ला है, होली है। मुंह बन्दर सा लाल किसी का, रंगा गुलाबी भाल किसी का। कोयल जैसे काले रंग का, पड़ा दिखाई गाल किसी का। काना फूसी कुछ लोगों में, खाई भांग की गोली है। ढोल ढमाका ढम ढम ढम ढम, नाचे कूदे फूल गया …

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होली आई रे होली आई रे: होली के त्यौहार पर बाल-कवितायेँ

होली आई रे होली आई रे 3 Short Poems on Holi Festival

होली आई रे बसंत में हर कली मुस्कुराई, फागुन की मस्ती चंहुओर है छाई, मदभरा रंगीं नजारा हर कहीं नजर आता है, सुनहरा रंग फिजाओं में पसर जाता है, चंग की ढाप चौक-चौराहों में गूंज रही है, फागणियों को फाग गाने की सूझ रही है, लोग-लुगाई होली की मस्ती में सराबोर हैं, हर तरफ होली आई रे होली आई रे …

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दुनिया रंग-बिरंगी: होली के त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

Holi festival coloring pages

नीले, पीले और गुलाबी लाल, हरे, नारंगी, हुई रंगों से देखो सारी दुनिया रंग-बिरंगी। गालों पर गुलाल की रंगत रंग बिखेरे सूंदर, दौड़ रहे लेकर पिचकारी रामु, श्यामू, चंदर। बांट रही हैं गुझिया सबको मीठी खुशियां प्यारी, होली की मस्ती में देखो हँसती दुनिया सारी। भांति-भांति के रंग भरे सब मार रहे पिचकारी, रंग-बिरंगे लोग लग रहे ज्यो सूंदर फुलवारी। …

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