Tag Archives: Hindi Poems on Festivals

नया साल मंगलमय हो: पूर्णिमा वर्मन

Happy New Year Poems in Hindi नया साल मंगलमय हो

यूं तो पूरे विश्व में नया साल अलग-अलग दिन मनाया जाता है, और भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में भी नए साल की शुरूआत अलग-अलग समय  होती है। लेकिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी से नए साल की शुरूआत मानी जाती है। चूंकि 31 दिसंबर को एक वर्ष का अंत होने के बाद 1 जनवरी से नए अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष …

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दिवाली रोज़ मनाएं: दीपावली पर छोटी हिन्दी कविता

दिवाली रोज़ मनाएं - संदीप फाफरिया ‘सृजन’

भारत में यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। धनतेरस से भाई दूज तक यह त्योहार चलता है। धनतेरस के दिन व्यापार अपने बहीखाते नए बनाते हैं। अगले दिन नरक चौदस के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करना अच्‍छा माना जाता है। अमावस्या के दिन लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है। खील-बताशे का प्रसाद चढ़ाया जाता है। नए कपड़े …

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मंगल दीप दिवाली: दिवाली पर हिंदी कविता

Motivational Hindi Poem about Diwali Festival मंगल दीप दिवाली

वह मंगल दीप दिवाली थी, दीपों से जगमग थाली थी। कोई दिये जला कर तोड़ गया, आशा की किरन को रोक गया॥ इस बार न ये हो पाएगा, अँधियारा ना टिक पाएगा। कर ले कोशिश कोई लाख मगर, कोई दिया न बुझने पाएगा॥ जब रात के बारह बजते हैं, सब लक्ष्मी पूजा करते हैं। रात की कालिमा के लिए, दीपों …

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दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे: बाल-कविता

Diwali Festival Hindi Bal Kavita दीप जलाओ दीप जलाओ आज दिवाली रे

दिवाली भारतीयों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे लिए लगभग कोई भी त्योहार आतिशबाजी के बिना पूरा नही माना जाता है। लोग पटाखों और आतिशबाजी को लेकर इतने उत्सुक होते हैं कि वह दिवाली के एक दिन पहले से ही पटाखे फोड़ना शुरु कर देते हैं और कई बार तो लोग हफ्तों पहले ही पटाखे फोड़ना …

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दिवाली आई, दिवाली आई: हिंदी बाल-कविता

Diwali Festival Hindi Rhyme दिवाली आई, दिवाली आई

दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, बम, हवाई इनसे बचना भाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। पटाखे बाजे धूम-धूम, धूम-धूम। आओ मिलकर नाचे गए हम और तुम…। घर घर दीप जलेंगे, आएगी मिठाई। दिवाली आई, दिवाली आई, खुशियो की बहार लायी। धूम धमक धूम-धूम, चकरी, बम, हवाई इनसे बचना भाई। दिवाली …

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हमारा तुम्हारा वतन एक है: वर्षा दीक्षित

हमारा तुम्हारा वतन एक है: वर्षा दीक्षित

भारत के प्राचीन और हिन्दू ग्रंथों में सिंधु नामक देश के बारे में उल्लेख मिलता है। इस सिंधु देश के बारे में ग्रंथों में विस्तार से लिखा हुआ है। सिंधु घाटी की सभ्यता का केंद्र स्थान है पाकिस्तान। इसी सभ्यता के दो नगर चर्चित है – मोहनजोदड़ो और हड़प्पा। यह सभ्यता बलूचिस्तान के हिंगलाज मंदिर से भारत के राजस्थान और …

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मजबूर भारतीय प्रवासी पर हिंदी कविता: विवशता

Nostalgia Hindi Poem on Helplessness विवशता

जो लोग भारत छोड़कर विश्व के दूसरे देशों में जा बसे हैं उन्हे प्रवासी भारतीय कहते हैं । ये विश्व के अनेक देशों में फैले हुए हैं। 48 देशों में रह रहे प्रवासियों की जनसंख्या करीब 2 करोड़ है। इनमें से 11 देशों में 5 लाख से ज्यादा प्रवासी भारतीय वहां की औसत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और वहां …

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दिवाली के त्यौहार पर कविता: आई रे आई दिवाली

आई रे आई दिवाली - टीना जिंदल

आई रे आई दिवाली पटाखे तोहफे लायी दिवाली दिल को खुश करने आई दिवाली आई रे आई दिवाली आई रे आई दिवाली मज़े करते हुए बच्चे देखो मम्मी का ना पापा का डर है स्कूल का ना टीचर का डर है बल्ब फूल लगते पापा मंदिर सजाती देखो मम्मी बच्चे हैं खेलते कूदते पटाखों में एकदम मस्त हैं खाना देखो …

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गरीब की दिवाली: एक हृदय विदारक कविता

गरीब की दिवाली

पटाखों कि दुकान से दूर हाथों में, कुछ सिक्के गिनते मैंने उसे देखा। एक गरीब बच्चे कि आखों में, मैने दिवाली को मरते देखा। थी चाह उसे भी नए कपडे पहनने की, पर उन्ही पूराने कपडो को मैने उसे साफ करते देखा। हम करते है सदा अपने ग़मो कि नुमाईश, उसे चूप-चाप ग़मो को पीते देखा। जब मैने कहा, “बच्चे, …

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होगा तभी दशहरा: विजय दशमी पर हिंदी कविता

होगा तभी दशहरा (विजय दशमी) - प्रकाश मनु

दशहरा के त्यौहार पर हिंदी कविता – होगा तभी दशहरा किस्सा एक पुराना बच्चों, लंका में था रावण, राजा एक महा-अभिमानी, काँपता जिससे कण-कण। उस अभिमानी रावण ने था, सबको खूब सताया, रामचन्द्र जब आये वन में, सीता को हर लाया। झिलमिल झिलमिल सोने की, लंका पैरो पे झुकती, और काल की गति भी भाई, उसके आगे रूकती। सुन्दर थी लंका, लंका …

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