Tag Archives: Helplessness Poems for Children

परशुराम की प्रतीक्षा: रामधारी सिंह दिनकर की कविता

परशुराम की प्रतीक्षा - रामधारी सिंह दिनकर

A just society does not occur spontaneously. It has to be nurtured and protected with valor. Here is a poem so characteristic of Ramdhari Singh Dinkar. Compare with his other works like “Shakti Aur Kshma“, “Vijayi Ki Sadrish Jiyo Re” and Rashmirathi in this collection. Before the contemporary poem evolved as an expression of self, there were poets like Dinkar …

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My Role: Poem On Builders And Labour

My Role - Inspirational Poem On Builders & Labour

Labour in India refers to employment in the economy of India. In 2012, there were around 487 million workers in India, the second largest after China. Of these over 94 percent work in unincorporated, unorganized enterprises ranging from pushcart vendors to home-based diamond and gem polishing operations. The organised sector includes workers employed by the government, state-owned enterprises and private …

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राह कौन सी जाऊं मैं: अटल जी की चिंतन पर कविता

राह कौन सी जाऊं मैं: अटल जी की चिंतन पर कविता

There are dilemmas in life at every step. What to do? Which alternative to choose? And there are no authentic and correct answers. We must nonetheless make a choice. राह कौन सी जाऊं मैं: अटल बिहारी वाजपेयी चौराहे पर लुटता चीर‚ प्यादे से पिट गया वजीर‚ चलूं आखिरी चाल कि बाजी छोड़ विरक्ति रचाऊं मैं‚ राह कौन सी जाऊं मैं? …

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आओ फिर से दिया जलाएँ: अटल की प्रेरणादायक कविता

आओ फिर से दिया जलाएँ - अटल बिहारी वाजपेयी

राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ वाजपेयी एक अच्छे कवि और संपादक भी थे। वाजपेयी ने लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर-अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन किया। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राह्मण परिवार में 25 दिसंबर, 1924 को इनका जन्म हुआ। पुत्रप्राप्ति से हर्षित पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी को तब शायद ही अनुमान रहा होगा कि आगे चलकर उनका यह नन्हा बालक …

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जीवन बीत चला: अटल की संघर्षमय ज़िन्दगी पर कविता

जीवन बीत चला - अटल बिहारी वाजपेयी

अपने जीवन में अटल बिहारी ने 27 से ज्यादा कविताएं लिखी हैं। आज उनके निधन पर नजर डालिए उन कविताओं पर जो उन्हें अमर बनाती हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने एक कविता लिखी थी – दूध में दरार पड़ गई – ये कविता काफी लोकप्रिय हुई। उन्होंने इस कविता में देश की समस्या पर चिंता जताई। उनकी कविता कदम से कदम मिलाकर चलना …

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आओ मन की गांठें खोलें: अटल बिहारी वाजपेयी

वाकपटुता कहें, हाज़िरजवाबी कहें या sense of humor कह लें। यह कोई ऐसा गुण नहीं है जिसे राजनीतिक अहर्ताओं में शुमार किया जाता हो। लेकिन यह भी सच है कि इसमें पारंगत नेताओं ने इसका सफल राजनीतिक इस्तेमाल भी किया। दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की गिनती उनमें बिना किसी शुबहे के की जा सकती है। वह अपनी वाकपटुता से न सिर्फ़ …

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दो अनुभूतियाँ: अटल जी की मानव मनोदशा पर कविताएँ

दो अनुभूतियाँ: अटल बिहारी वाजपेयी

In most human endeavors, there are ups and downs. But in the field of politics, downswings can be brutal and up-swings full of elation and optimism. Two poems of Atal Ji reflect beautifully on this roller coaster. First one appears to have been written in a phase of disillusionment and dejection when the poet’s heart says, “I won’t sing any …

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अपने ही मन से कुछ बोलें: अटल की आत्म चिंतन कविता

अपने ही मन से कुछ बोलें - अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Jis poems have special significance. He was leader of a country of one billion people; a seasoned politician who would have seen all that is to be seen on this earth. It is admirable that he retained the sensitivity of heart as a poet too, a member of the rare breed of philosopher kings. I was specially moved by …

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हिंदूवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता

हिंदुवादी पीएम नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता

हिंदूवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता: गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर भी वे सबसे ज्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं। उन्हें ‘नमो’ नाम से भी जाना जाता है। TIME …

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