O. Henry's Suspense Thriller Story in Hindi बीस साल बाद

O. Henry’s Suspense Thriller Story in Hindi बीस साल बाद

करीब 20 मिनट बाद एक लंबा आदमी उस आदमी उस आदमी के पास आया। उसने ओवरकोट पहना हुआ था तथा कालर से कानों को ढका हुआ था। उसने पूछा, “क्या तुम बाब हो?”

“क्या तुम जिमी वेल्स हो?”  “इंतजार करने वाले आदमी ने खुशी से लगभग चिल्लाते हुए कहा।

उस लंबे आदमी ने खुशी से उसके हाथों को अपने हाथों में थाम लिया और बोला, “हां बाब, चलो। अब किसी अच्छी जगह पर बैठें और बीते दिनों की बात करें।”

और दोनों एक दूसरे का हाथ थामे हुए चल पड़े।

दवाइयों की एक दुकान के सामने से गुजरते हुए उस दुकान की रोशनी में उन्होंने एक दूसरे का चेहरा ठीक से देखा।

बाब को उस लंबे आदमी का चेहरा देख कर कुछ संदेह हुआ। फिर वह अचानक गुस्से में भड़क कर बोला, “तुम जिमी वेल्स नहीं हो। मैं मानता हूं कि 20 वर्षों का समय बहुत अधिक होता है, लेकिन इतना अधिक भी नहीं कि एक आदमी की नाक चौड़ी से पतली हो जाए।”

इसके जवाब में उस लंबे आदमी ने कहा, “ऐसा होता है कि नहीं मुझे नहीं पता, लेकिन 20 वर्षों में एक अच्छा आदमी बुरा आदमी बन जाता है। 20 वर्ष पहले तुम एक अच्छे आदमी थे, लेकिन आज एक बुरे आदमी बन गए हो। खैर, यह कागज लो और पढो।”

बाब ने कागज का टुकड़ा उसके हाथ से ले लिया और पढ़ने लगा।

जब उसने कागज को पूरा पढ़ लिया तो उसके हाथ कांपने लगे।

कागज में लिखा था – “बाब, हम ने जहां मिलने का वादा किया था, वहां मैं बिलकुल ठीक समय से पहुंच गया था। पर जब तुमने सिगार सुलगाने के लिए दियासलाई जलाई तो मैंने तुम्हारा चेहरा देखा और मुझे यह देख कर बहुत आश्चर्य हुआ कि तुम वही आदमी हो, जिसकी तलाश शिकागो पुलिस कर रही है।

मुझे तुम्हें उसी वक्त गिरफ्तार कर लेना चाहिए था, लेकिन मैं तुम्हारा दोस्त होने के कारण यह काम नहीं कर सका। अब मैंने पुलिस के ही दूसरे आदमी को सादे कपड़ो में तुम्हें गिरफ्तार करने के लिए भेजा है।”

∼ ओ. हेनरी

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