फूल खिलें हैं उपवन में,रंग – बिरंगे मधुबन में।
छवि फूलों की न्यारी है,
महकी क्यारी – क्यारी है।
भँवरे – तितली डोले हैं,
चुपके – चुपके बोले हैं।
मखमल जैसी दूब लगे,
प्यारी लेटी धुप लगे।
महक बसी है धड़कन में,
फूल खिलें हैं उपवन में।
फूल खिलें हैं उपवन में,छवि फूलों की न्यारी है,
महकी क्यारी – क्यारी है।
भँवरे – तितली डोले हैं,
चुपके – चुपके बोले हैं।
मखमल जैसी दूब लगे,
प्यारी लेटी धुप लगे।
महक बसी है धड़कन में,
फूल खिलें हैं उपवन में।
From The Heart of A Teacher: Teacher is the who teaches us knowledge, moral values …