मेरी माँ - यांशिका तंवर Mothers Day Special Hindi Poem

मेरी माँ: मदर्स डे पर हिंदी बाल-कविता

आधुनिक मातृ दिवस का अवकाश ग्राफटन वेस्ट वर्जिनिया में एना जार्विस के द्वारा समस्त माताओं तथा मातृत्व के लिए खास तौर पर पारिवारिक एवं उनके आपसी संबंधों को सम्मान देने के लिए आरम्भ किया गया था। यह दिवस अब दुनिया के हर कोने में अलग-अलग दिनों में मनाया जाता हैं। जैसे कि पिताओं को सम्मान देने के लिए पितृ दिवस की छुट्टी मनाई जाती हैं, उसी तरह मातृ दिवस की भी छुट्टी होती है। यह छुट्टी अंततः इतनी व्यवसायिक बन गई कि इसकी संस्थापक, एना जार्विस, तथा कई लोग इसे एक “होलमार्क होलीडे“, अर्थात् एक प्रचुर वाणिज्यिक प्रयोजन के रूप में समझने लगे। एना ने जिस छुट्टी के निर्माण में सहयोग किया उसी का विरोध करते हुए इसे समाप्त करना चाहा।

मातृ दिवस दिवस माता को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। एक मां का आँचल अपनी संतान के लिए कभी छोटा नहीं पड़ता। माँ का प्रेम अपनी संतान के लिए इतना गहरा और अटूट होता है कि माँ अपने बच्चे की खुशी के खातिर सारी दुनिया से लड़ सकती है। एक मां का हमारे जीवन बहुत महत्व है।

मेरी माँ

माँ मेरी है, सबसे प्यारी,
अच्छी बात सिखाती है,
अपनी धुन में बढ़ते जाना
ये हमको सिखलाती है।
माँ मेरी है, सबसे प्यारी।

अच्छे-अच्छे काम करें हम,
देश का ऊँचा नाम करें हम
ये हमको बतलाती है।

माँ मेरी है, सबसे प्यारी।

अपने गुरु का कहना मानों
कभी ना उनकी बात टालो
गलती अगर तुम से हो जाती
हाथ जोड़कर माँगो माफ़ी।

माँ मेरी है, सबसे प्यारी।

जब मैं माँ से गुस्सा होती
मेरा मन वो बहलाती
मेरे खेल-खिलौने बनकर
मुझको खूब हँसाती है।

माँ मेरी है, सबसे प्यारी
अच्छी बात सिखाती है।

~ यांशिका तंवर (यू.के.जी.) St. Gregorios School, Gregorios Nagar, Sector 11, Dwarka, New Delhi

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