Jagjit Singh Bhajan about Lord Rama हे राम हे राम

Jagjit Singh Bhajan about Lord Rama हे राम हे राम

हे राम हे राम
हे राम हे राम

तू ही माता तू ही पिता है
तू ही तो राधा का श्याम

हे राम हे राम
हे राम हे राम

भगवान राम (रामचन्द्र) के बारे में

राम (रामचन्द्र) प्राचीन भारत में अवतार रूपी भगवान के रूप में मान्य हैं। हिन्दू धर्म में राम विष्णु के दस अवतारों में से सातवें अवतार हैं। राम का जीवनकाल एवं पराक्रम महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में वर्णित हुआ है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना की है। इन दोनों के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाओं में अनेक रामायणों की रचना हुई हैं, जो काफी प्रसिद्ध भी हैं। खास तौर पर उत्तर भारत में राम बहुत अधिक पूजनीय हैं और हिन्दुओं के आदर्श पुरुष हैं। राम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। राम की पत्नी का नाम सीता था (जो लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं) और इनके तीन भाई थे- लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। हनुमान, भगवान राम के, सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। राम ने राक्षस जाति के लंका के राजा रावण का वध किया।

तू अंतर्यामी सबका स्वामी
तेरे चरणों में चारो धाम

हे राम हे राम
हे राम हे राम

तू ही बिगाडे तू ही सवारैं
इस जग के सारे काम

हे राम हे राम
हे राम हे राम

तू ही जगदाता विश्वविधाता
तू ही सुबह तू ही शाम

हे राम हे राम
हे राम हे राम

जगजीत सिंह

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