बच्चे मन के सच्चे - साहिर लुधियानवी

बच्चे मन के सच्चे: साहिर लुधियानवी

बच्चे मन के सच्चे: दो कलियाँ फिल्म से

दो कलियाँ 1968 में बनी हिन्दी भाषा की फ़िल्म है। दो जुड़वाँ बच्चों के आधार पर बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफ़िस पर सफल रही तथा साहिर के गीत (बच्चे मन के सच्चे) आज भी प्रसिद्ध है। फ़िल्म का संगीत रवि ने दिया था।

बच्चे मन के सच्चे, सारी जग के आँख के तारे
ये वो नन्हे फूल हैं जो, भगवान को लगते प्यारे

खुद रूठे, खुद मन जाये, फिर हमजोली बन जाये
झगड़ा जिसके साथ करें, अगले ही पल फिर बात करें
इनका किसी से बैर नहीं, इनके लिये कोई ग़ैर नहीं
इनका भोलापन मिलता है, सबको बाँह पसारे

बच्चे मन के सच्चे…

इन्ससान जब तक बच्चा है, तब तक समझ का कच्चा है
ज्यों ज्यों उसकी उमर बढ़े, मन पर झूठ का मैल चढ़े
क्रोध बढ़े, नफ़रत घेरे, लालच की आदत घेरे
बचपन इन पापों से हटकर अपनी उमर गुज़ारे

बच्चे मन के सच्चे…

तन कोमल मन सुन्दर
हैं बच्चे बड़ों से बेहतर
इनमें छूत और छात नहीं, झूठी जात और पात नहीं
भाषा की तक़रार नहीं, मज़हब की दीवार नहीं
इनकी नज़रों में एक हैं, मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारे

बच्चे मन के सच्चे…

साहिर लुधियानवी

चित्रपट: दो कलियाँ (१९६८)
गीतकार: साहिर लुधियानवी
संगीतकार: रवि
गायक: लता मंगेशकर
सितारे: बिस्वजीत, माला सिन्हा, मेहमूद, ओम प्रकाश, नीतू सिंह

Do Kaliyan is a 1968 film directed by R. Krishnan and S. Panju. It stars Mala Sinha, Biswajeet, Mehmood and Neetu Singh. It was a remake of the 1965 Tamil language film Kuzhandaiyum Deivamum, itself adapted from Disney’s The Parent Trap (1961) and ultimately based on the Erich Kästner novel Lottie and Lisa (Das doppelte Lottchen).

Movie Summary:

Proud, wealthy, and haughty Kiran meets with down-to-earth middle-class fellow collegian, Shekhar, and after several clashes and misunderstandings, both fall in love and decide to get married. Shekhar meets with Kiran’s dominating mom and mousy dad, and is told that he must successfully pass a test that will be put to him through Kiran’s mom, to which he agrees. Subsequently, he is put to the test, and succeeds, much to Kiran’s delight. The marriage is performed with great pomp and ceremony, and Shekhar moves in with Kiran and her family. He soon realizes that his presence is next to a lowly servant. He rebels and wants Kiran to leave with him. But Kiran asks him to be patient. Thereafter twin girls are born (Ganga and Jamuna). Shekhar still feels that they would be better off living away from Kiran’s family, differences arise, and Shekhar moves out with Ganga. Years later, the twins Ganga and Jamuna meet at a school outing and both decide to switch places to see how it is like on the other side. Both twins then devise a scheme that will bring their proud grandmother to her heels, and bring their parents together.

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One comment

  1. साहिर साहब को सलाम उनके देश भक्ति और भाईचारे के जस्बे को ये देश कभी नहीं भूलेगा वे अपने शानदार गीतो और नज्मो द्वारा दिलो पर युग युग राज करेंगे और उनका जादू समय अंतराल बढ़ाता ही जायेगा इसी कड़ी को जोड़ने के खातिर नवजवानों को साहिर साब से जोड़ने के खातिर मैंने ये साहिर लुधयानवी फैन क्लब की स्थापना फेस बुक पर की है कोई भी साहिर साहब को चाहने वाला हमारे ग्रुप में आमंत्रित है धन्यवाद्