ऐसी लागि लगन, मीरा हो गई मगन - अनूप जलोटा

Meera Bai Bhajan by Anup Jalota ऐसी लागि लगन, मीरा हो गई मगन

हीरे मोंती से नही सोभा है हाथ की,
है हाथ जो भगवान् का पूजन किया करे,
मर कर भी अमर है नाम उस जिव का जग मैं,
प्रभु प्रेम मैं बलिदान जो जीवन किया करे

Mirabaiऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुन गाने लगी
महलो में पली, बन के जोगिन चली
मीरा रानी दीवानी कहाने लगी
ऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन – २

कोई रोके नही, कोई टोके नही
मीरा गोविंदा गोपाल गाने लगी
बैठी संतों के संग, रंगी मोहन के रंग
मीरा प्रेमी प्रीतम को मनाने लगी

ऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुना गाने लगी
महलो में पली, बन के जोगिन चली
मीरा रानी दीवानी कहाने लगी
ऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन – २

राणा ने विष दिया, मानो अमृत पिया
मीरा सागर में सरिता समाने लगी
दुःख-ऐ लाखों सहे, मुक्से गोविन्द कहे
मीरा गोविंदा गोपाल-ऐ गाने लगी

ऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन
वो तो गली-गली हरी गुण गाने लगी
महलो में पली, बन के जोगिन चली
मीरा रानी दीवानी कहने लगी
ऐसी लगी लगन, मीरा हो गई मगन

∼ अनूप जलोटा

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