यूं मनाया जाता है अप्रैल फूल

यूं मनाया जाता है अप्रैल फूल दिवस

अप्रैल फूल दिवस भारत देश के साथ-साथ विश्व के अनेक देशों में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग यह कोशिश करते हैं कि दूसरे को किस तरह मूर्ख बनाया जाये। वैसे मूर्ख बनाने की परंपरा काफी प्राचीन है। शोधशास्त्री इस अप्रैल फूल दिवस की शुरुआत फ्रांस में ही हुई मानते हैं। अप्रैल फूल धीरे-धीरे विश्व में फैल गया।

फ्रांस में अप्रैल फूल दिवस के दिन को ‘अप्रैल फिश’ कहकर मनाया जाता है। फ्रांस में जो व्यक्ति इस दिन सबसे ज्यादा मुर्ख बनता है उसे ‘फूल मैकल’ कहा जाता है। दरअसल बात यह है कि अप्रैल एक मछली का नाम है। वहां के लोग फ्रांस में ही इसका शिकार करते है। यह नदियों और तालाबों में पाई जाती है।

स्कॉटलैंड में अप्रैल फूल को ‘हंटिग डिकाउल’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन मुर्ख बनाने वाले को ‘अप्रैल कुक्कू‘ की उपाधि दी जाती है। कहा जाता है कि बसंत आने पर इन्हीं दिनों में कोयल अपने अंडे देती है। फिर यह अपने अंडे को दूसरे पक्षियों के घोसले में रखकर पक्षियों को मूर्ख बनाती है, इसलिये इसे अप्रैल कुक्कू की उपाधि प्रदान की जाती है।

चीन में प्रथम अप्रैल को डींग हांकने व झूठ बोलने की प्रथा के रूप में मनाया जाता है। यहां पूरे वर्ष भर 31 मार्च तक डींगे हांकने व सबसे ज्यादा झूठ बोलने की तैयारी की जाती है।

रोम में पहली अप्रैल को ‘सेटरनेलिया’ समारोह का आयोजन किया जाता है, जिसमें बहुत हुड़दंग व हो-हल्ला मचाया जाता है।

इंग्लैंड के बच्चे अप्रैल फूल को भी विशिष्ट त्यौहार मानते हैं। इस दिन सभी बच्चों द्वारा मिलकर आयोजित बालसभा का अध्यक्ष जो चुना जाता है उसे ‘सेंट निकोलस‘ की उपाधि से सम्मानित किया जाता है। माना जाता है कि मिलेट के पास ईसा-मसीह को प्रथम अप्रैल के ही दिन भेजा गया था। इसी दिन की याद में वहां ‘अप्रैल फूल’ का दिवस मनाया जाता है।

हमारे भारत में तो होली के अवसर पर ही परिचितों को मूर्ख बनाने की परम्परा चली आ रही है व भारत में इसी दिन कई हास्य रस कवि सम्मेलन भी आयोजित किये जाते हैं व खूब मनोरंजन किया जाता है।

~ युवराज

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