Stories For Kids

माँ: गरीब विधवा माँ और उसके दृढ़ निश्चय की कहानी

माँ: गरीब विधवा माँ और उसके दृढ़ निश्चय की कहानी

अरे, मम्मी… आप क्यों पैरेंट टीचर मीटिंग में चल रही है और फिर से वही पुरानी हरी साड़ी पहनकर। दस साल का चिंटू चिढ़चिढ़ाता हुआ बोला। पर उसकी मम्मी तो ख़ुशी के मारे फूली ही नहीं समा रही थी। शहर के सबसे बड़े स्कूल में एक-एक पाई इकठ्ठा करके उसने अपने इकलौते बेटे का एडमिशन बड़ी मुश्किलों से करवाया था। …

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पढ़ाकू शेर: एक तोतले शेर की कहानी जो पढना चाहता है

पढ़ाकू शेर: एक तोतले शेर की कहानी जो पढना चाहता है

पढ़ाकू शेर: लेखिका ‘मंजरी शुक्ला’ चिड़ियाघर घूमते-घामते अचानक बबलू का सामना शेर से हो जाता है। डर के मारे बबलू के हाथ पैर काँपने लगते है। शेर हँसते हुए बोला – “डलो मत, मै सिर्फ़ तमातल और दाजल थाता हूँ”। “तुम… तुम तो तोतले हो!” बबलू ने आश्चर्य से कहा। “हाँ… थई पहचाना” शेर ने जवाब दिया। “मै परना चाहता …

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सूरज की सर्दी: मंजरी शुक्ला की बच्चों के लिए कहानी

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चारों ओर धुंध छाई हुई थी लोग आश्चर्य कर रहे थे कि सूरज क्यों नहीं निकला। पर बेचारा सूरज निकलता भी तो कैसे… वह तो आसमान में उकड़ूँ बैठा ठंड से काँप रहा था। सुबह से ही सूरज को बहुत ठंड लग रही थी। पर सूरज को इस तरह सर्दी में काँपते देख चाँद बहुत खुश था क्योंकि चाँद को …

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अप्रैल फूल: मूर्ख दिवस की रोचक बाल-कहानी

अप्रैल फूल - डॉ. मंजरी शुक्ला

आज शैतान मोंटू बन्दर को सुबह से ही बहुत मजा आ रहा था। आखिर 1 अप्रैल जो आने वाला था। वह हर साल इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करता था। आखिर इस दिन लोगों को मूर्ख बनाने में कोई ज्यादा डांट भी नहीं पड़ती थी, वरना वो तो पूरे साल किसी ना किसी को तंग करने के चक्कर में हमेशा …

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नन्हे दोस्त: पक्षियों के लिए दाना-पानी की बाल-कहानी

नन्हे दोस्त: पक्षियों के लिए दाना-पानी की बाल-कहानी

“पूरी कॉलोनी में बस एक यही पेड़ बचा है हमारे लिए” नीतू गौरिया ने चुलबुल तोते से कहा। “मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा है कि सब लोग पेड़ कटवा क्यों रहे है” चुलबुल ने दुखी होते हुए कहा। “अरे, तुम दोनों कहाँ चले गए थे?” पेड़ के झुरमुट से टिन्नू गिलहरी की आवाज़ आई। नीतू चहकते हुए बोली …

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The Cratchits’ Christmas Dinner: Charles Dickens

Charles Dickens Christmas Story: The Cratchits' Christmas Dinner

Scrooge and the Ghost of Christmas Present stood in the city streets on Christmas morning, where (for the weather was severe) the people made a rough but brisk and not unpleasant kind of music, in scraping the snow from the pavement in front of their dwellings, and from the tops of their houses, whence it was mad delight to the …

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गब्बू का हैप्पी न्यू ईयर: नव वर्ष के उपलक्ष में हिंदी कहानी

गब्बू का हैप्पी न्यू ईयर: नव वर्ष के उपलक्ष में हिंदी कहानी

गब्बू भालू बेच तो गुब्बारे रहा था पर उसका पूरा ध्यान, पेड़ पर लगे शहद के छत्ते पर था। मधुमक्खियाँ भी कम शैतान नहीं थी। वे भी अपने छत्ते में आराम से बैठकर गब्बू को देख रही थी और हँस रही थी। उन्होंने टॉमी कुत्ते को थोड़ा सा शहद देकर अपनी तरफ़ मिला लिया था। टॉमी को शहद इतना पसँद …

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Rimjhim And Pigeon’s Eggs: Wisdom Story

Rimjhim And Pigeon's Eggs: Wisdom Story

“Mamma – mamma” – Rimjhim was screaming from the balcony. Mrs. Sharma could feel the joy and surprise in her daughter’s voice. “What happened”? she almost ran to the balcony and saw Rimjhim standing around the birds. Rimjhim was merrily clapping with loud giggle. Mamma smiled and asked – “What happened dear? You look quite happy”. “Look at that mamma” …

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नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

“काँच के अंदर झाँकने से किताब पढ़ने को नहीं मिल जाएगा” चाय की गुमटी से बापू गुस्से से चीखे जो लाइब्रेरी के पास ही बनी हुई थी। छोटू पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। वह चेहरे से बारिश की बूँदें पोंछता हुआ शीशे के अंदर देखता रहा। अंदर का दृश्य उसके लिए किसी स्वप्न लोक से कम नहीं …

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Bangles On The Ears: Radhika Raman Prasad

Radhika Raman Prasad Singh

“Kiran, what have you on your ears?” “Bangles,” she said pushing aside the wayward locks from her ears. “What? Bangles on your ears?” And he saw for himself the two bangles around her ears. “Yes. Where else shall I wear them?” Bangles On The Ears: Classic Story in English Kiran was still very innocent. Not innocent as the world knows …

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