मैं… पापा की लाडली: कहते हैं कि किस्मत वालों के घर बेटी पैदा होती है। बेटियां मां की तो दोस्त होती ही हैं लेकिन अपने पिता के भी बहुत करीब होती हैं। बाप-बेटी का रिश्ता बहुत प्यारा और अनोखा होता है। जहां बाप-बेटी के रिश्ते का असर पिता की पर्सनैलिटी पर पड़ता है वहीं इससे बेटी के आगे के रिश्ते, …
Read More »चंद्रशेखर आजाद पर हिंदी कविता: भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के स्वतंत्रता सेनानी
चंद्रशेखर आजाद पर हिंदी कविता: चंद्रशेखर आजाद (23 जुलाई 1906 – 27 फ़रवरी 1931) भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के स्वतंत्रता सेनानी थे। वे शहीद राम प्रसाद बिस्मिल व शहीद भगत सिंह सरीखे क्रान्तिकारियों के अनन्यतम साथियों में से थे। चंद्रशेखर आजाद: सुशील कुमार शर्मा की हिंदी कविता तुम आजाद थे, आजाद हो, आजाद रहोगे, भारत की जवानियों के तुम खून में …
Read More »समय का मोल: समय के महत्व पर हिंदी भाषा में प्रेरणादायक बाल-कविता
समय का मोल: समय बहुत कीमती है और हमें इसे किसी भी तरह से बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसी तरह, हम जो पैसा खर्च करते हैं, उसे कमा सकते हैं, लेकिन हम अपने खोए हुए समय को वापस नहीं पा सकते। तो, यह समय को पैसे से अधिक मूल्यवान बनाता है। इसलिए, हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए। इस ब्लॉग …
Read More »अध्यापक: Hindi Poem on Relationship Between The Guru and Pupil
अध्यापक: गुरु-शिष्य परम्परा आध्यात्मिक प्रज्ञा का नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का सोपान। भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परम्परा के अन्तर्गत गुरु (शिक्षक) अपने शिष्य को शिक्षा देता है या कोई विद्या सिखाता है। बाद में वही शिष्य गुरु के रूप में दूसरों को शिक्षा देता है। यही क्रम चलता जाता है। यह परम्परा सनातन धर्म की सभी धाराओं में मिलती है। गुरु-शिष्य की यह परम्परा ज्ञान के किसी भी क्षेत्र …
Read More »मैं और मेरा मोटापा: हास्य कविता
मैं और मेरा मोटापा अक्सर ये बातें करते हैं: आज अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनिया में एक महामारी बन गई है। भारत में अनेक लोग मोटापा के शिकार हैं। मोटापे के कारण शरीर में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। जब परेशानियां बढ़ने लगती हैं तो लोग …
Read More »अवगुंठित: सुमित्रानंदन पंत की हिंदी प्रेम कविता
अवगुंठित: सुमित्रानंदन पंत (20 मई 1900 – 28 दिसम्बर 1977) हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि और लेखक थे। उनका जन्म अल्मोड़ा (उत्तर प्रदेश) के कैसोनी गाँव में हुआ था। इनके जन्म के पश्चात् ही इनकी माँ चल बसी और इनका पालन-पोषण इनकी दादी ने ही किया। आपका वास्तविक नाम गुसाईं दत्त था और बाद में आपने अपना नाम सुमित्रानंदन पंत रख …
Read More »सृष्टि: सुमित्रानंदन पंत की प्रकृति पर हिंदी कविता
सृष्टि: सुमित्रानंदन पंत (Sumitranandan Pant, जन्म: 20 मई 1900; मृत्यु: 28 दिसंबर, 1977) हिन्दी साहित्य में छायावादी युग के चार स्तंभों में से एक हैं। सुमित्रानंदन पंत नये युग के प्रवर्तक के रूप में आधुनिक हिन्दी साहित्य में उदित हुए। सुमित्रानंदन पंत ऐसे साहित्यकारों में गिने जाते हैं, जिनका प्रकृति चित्रण समकालीन कवियों में सबसे बेहतरीन था। आकर्षक व्यक्तित्व के …
Read More »मैं सबसे छोटी होऊं: सुमित्रानंदन पंत की कविता
मैं सबसे छोटी होऊं: प्रस्तुत कविता के रचयिता सुमित्रानंदन पंत जी हैं। इस कविता का मुख्य केन्द्र एक छोटी बच्ची हैं। छोटी बच्ची चाहती है की उसका बचपन हमेशा ऐसे ही बना रहे। उसे उसकी माँ का प्रेम ऐसे ही मिलता रहे। कविता में पन्त जी ने बाल सुलभ चेष्टाओं का सुंदर वर्णन किया है। इस कविता में सहज रूप …
Read More »मौन निमंत्रण: सुमित्रानंदन पंत
मौन निमंत्रण: सुमित्रानंदन पंत को प्रकृति का सुकुमार कवि कहा जाता है। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से प्रकृति के विभिन्न उपादानों का बड़ी सुंदरता से वर्णन किया है। ‘मौन निमंत्रण‘ कविता की शुरुआत भी रात की प्रकृति से हुई है। कविता आरंभ में वे लिखते हैं कि रात में चांदनी फैली हुई थी। चांदनी में किसी की तरह चंचलता …
Read More »गोरी बैठी छत पर: ओम प्रकाश आदित्य
गोरी बैठी छत पर: एक जवान औरत घर की छत से कूदकर खुद को मारने की कोशिश कर रही है। ओम प्रकाश आदित्य जी ने कई प्रसिद्ध कवियों की शैली में इस दृश्य का वर्णन किया है। मैथिली शरण गुप्त अट्टालिका पर एक रमणी अनमनी सी है अहो। किस वेदना के भार से संतप्त हो देवी कहो? धीरज धरो संसार …
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