मधुमेह रोग के उपचार में आहार की भूमिका: Role of diet in Diabetes

मधुमेह रोग के उपचार में आहार की भूमिका: Role of diet in Diabetes

मधुमेह शरीर की अधिकांश बीमारियों का कारण है क्योंकि इसके कारण ही शरीर के सभी अंग प्रभावित होते हैं। अतः इसका नियंत्रित किया जाना नितांत आवश्यक है। मधुमेह की बीमारी के लिए जहाँ खराब जीवन-शैली, मोटापा, तनाव, चिंता, पारिवारिक व अन्य कारक जिम्मेदार हैं, वहीं गलत खान-पान (आहार) भी मुख्य कारण है। आहार में सुधार से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है, जिसका विवरण निम्नवत् है:

मधुमेह रोग के उपचार में आहार की भूमिका

  1. मधुमेह रोगी का भोजन बिल्कुल सादा, गुणवत्ता से परिपूर्ण तथा सुपाच्य होना चाहिए।
  2. गंभीर मधुमेह रोगी खाने की पूरी खुराक एक साथ न खाकर 2 – 3 घंटे के अन्तराल पर थोड़ा-थोड़ा खाएँ।
  3. खाने में मिश्रित अनाज की रोटी (चना, जौ, गेहूँ आदि), दाल, सब्जी, नींबू व सलाद लें।
  4. फास्ट फूड से बचें क्योंकि इनमें चीनी, नमक, मैदा का प्रयोग अधिक होता है, जो मधुमेह के लिए हानिकारक है।
  5. भोजन में चीनी का प्रयोग बिल्कुल न करें। यदि थोड़ा लेना भी पड़े तो शहद या गुड़ लें।
  6. नमक कम से कम तथा मैदा से बनी चीजों का त्याग कर दें।
  7. अतिशीघ्र पचने वाले भोज्य पदार्थ जैसे आलू, चावल आदि का सेवन कम से कम करें क्योंकि इनके जल्दी पचने के कारण इनके अनुपात में शरीर को इन्सुलिन नहीं मिल पाता।
  8. मधुमेह रोगी सब्जियों, सब्जियों के रस, टमाटर के सलाद का अधिक प्रयोग करें।
  9. खाने में प्रतिदिन एक बार कड़ुवा, कसैला या खट्टा अवश्य लें।
  10. जामुन का अधिक प्रयोग करें। जामुन में ‘जैम्बोलिन’ नामक पदार्थ होता है, जो कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करता है। इसकी गुठली का चूर्ण या हरे पत्ते का रस सुबह-शाम लेना चाहिए।
  11. मेथी का सेवन अधिक करें। ताजी मेथी की सब्जी व पराठों में डालकर खाएँ। एक चम्मच पीली मेथी रात को भिगोकर सुबह उसको चबाकर खाएँ व पानी पी लें।
  12. सदाबहार व नीम के 4 – 5 पत्ते सुबह खाली पेट चबाएँ।
  13. एक-एक चम्मच सुबह-शाम निम्न चीजों का बना चूर्ण लें। नीम की पत्ती एवं छाल, जामुन की गुठली, करेला, मेथी, गुड़मार बूटी – इन सभी चीजों को एक-एक तोलकर चूर्ण बनाकर सेवन करें।
  14. डाइट चार्ट के अनुसार अपना आहार लें:
    (i) सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने पर दो गिलास गुनगुना पानी नींबू डालकर लें।
    (ii) इसके बाद एक कप पानी में एक चम्मच रात में भिगोई गई मेथी व उसके पानी का सेवन करें।
    (iii) प्रातः 7 बजे करेला / टमाटर / खीरे का रस पियें।
    (iv) प्रातः 8 बजे नाश्ता, जिसमें अंकुरित मूँग, लोबिया, चने का सेवन/फल/योगिक पेय या एक गिलास दूध का सेवन करें।
    (v) दोपहर 12 बजे लंच में गेहूँ, जौ, चना (समान मात्रा में) की मिश्रित आटे की रोटी, सलाद, बिना मसाले की सब्जी आदि लें।
    (vi) दोपहर तीन बजे – फलाहार, टमाटर सूप या छाछ का सेवन करें।
    (vii) शाम का भोजन – मिश्रित अनाज की रोटी व सब्जी। भोजन हल्का व सूर्यास्त के एक घंटे के अन्दर लें।
  15. मधुमेह के गंभीर रोगी आवश्यकतानुसार हल्का भोजन (भुने हुए चने आदि) समय-समय पर खाते रहें।

इस प्रकार से हम भोजन के माध्यम से मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं और सुखी जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

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