रक्त प्रवाह बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ: रक्त संचारण और स्वास्थ्य का आपस में गहरा संबंध है। यह एक ऐसा तंत्र है, जो शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन, पोषक तत्व और हार्मोन पहुँचाता है तथा अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा, रक्त संचारण प्रणाली के अन्य मुख्य कार्य हैं – शरीर के तापमान को नियंत्रित रखना, चोट लगने पर थक्कों के माध्यम से घावों को भरना, रोगजनक जीवाणुओं से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली के घटकों को आवश्यक स्थानों तक पहुँचाना, हार्मोन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना आदि। यदि इस जटिल प्रणाली में कोई कमी पड़ जाए तो शरीर में अनेक रोग पनपने लगते हैं।
रक्त प्रवाह बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ: Foods That Increase Blood Flow
शरीर में रक्त का परिवहन कार्य धमनियों और शिराओं के माध्यम से पूरा होता है। यदि धमनियों या शिराओं में गड़बड़ी अथवा गलत जीवन-शैली के कारण इनमें विपरीत पदार्थ (Plaque) जमा होने लगते हैं, जिससे ये संकरी हो जाती हैं। इन रक्त वाहिकाओं में जमी प्लैक (Plaque) के कारण रक्त संचारण धीमा पड़ जाता है, जिससे शरीर के मुख्य अंगों में रोग उत्पन्न होने लगते हैं। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ रक्त संचारण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रक्त प्रवाह (Blood Circulation / ब्लड सर्कुलेशन) बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ, जिनका सेवन करने से रक्त स्वस्थ रहता है, धमनियाँ लचीली बनी रहती हैं और रक्त संचार बेहतर होता है:
1. सब्जियाँ
कुछ सब्जियाँ जड़ वाली होती हैं, जैसे गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर इत्यादि। इन सब्जियों में कैल्शियम, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट, फाइटोकेमिकल्स, फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियाँ, जैसे कि पालक, मेथी, सरसों इत्यादि में विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी प्रकार की सब्जियों में नाइट्रेट की मात्रा होती है, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाकर रक्त वाहिकाओं को फैलाती है और रक्त प्रवाह को सुधारती है।
2. लहसुन और प्याज
लहसुन में एलिसिन नामक यौगिक होता है, जो कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। प्याज में फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट बहुत होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करते हैं। इन दोनों से हृदय स्वस्थ होता है और रक्त-नाड़ियाँ साफ होती हैं।
3. टमाटर
टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो रक्त वाहिकाओं में रुकावट को रोकता है और हृदय की रक्षा करता है। यह रक्त को पतला करने में भी मददगार होता है।
4. हल्दी और अदरक
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन रक्तचाप और सूजन कम करते हैं। अदरक में मौजूद यौगिक जिंजरोल और शोओगोल रक्त को पतला करते हैं, जिससे सूजन और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है।
5. अखरोट और बादाम
इन मेवों में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन, पॉलीफेनॉल्स, मिनरल्स प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। इससे नस-नाड़ियों की सूजन को कम होती है, उन्हें शक्ति भी मिलती है और साफ भी होती हैं। इन मेवों में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी बहुत होते हैं, जो धमनियों को साफ रखने में मदद करते हैं।
6. ग्रीन टी और अमृत पेय
हरी चाय (Green Tea) के सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इसमें मौजूद यौगिक रक्त कोशिकाओं और रक्त-नलिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसी प्रकार, अमृत पेय की 26 जड़ी-बूटियाँ हृदय रोग, वात-पित्त-कफ, विषमज्वर आदि रोगों से मुक्त करती हैं।
7. खट्टे फल
जैसे संतरा, मौसमी, नींबू, आँवला, नींबू, अनानास, पपीता, अनार, आलूबुखारा इत्यादि में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट बहुत मात्रा में मिलते हैं। इन फलों में मौजूद प्रोटीन धमनियों की सूजन और प्लैक (Plaque) को कम करते हैं तथा हृदय को स्वस्थ रखते हैं। इनके यौगिक तत्व नस-नाड़ियों की अंदरूनी सतह (Endothelial) को स्वस्थ रखते हैं, जिससे शरीर में रक्त प्रवाह अच्छा बनता है।

रक्त संचरण में सहायक साबुत अनाजों (Whole grains) से धमनियों में रक्त प्रवाह बेहतर बनता है। मोटे और साबुत अनाज तथा मिलेट्स, जिनकी पैदावार स्थानीय है, उनका मौसम अनुसार सेवन करें।
1. साबुत गेहूँ और ब्राउन राइस
ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं तथा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इनमें खनिज, फाइबर, विटामिन और ऊर्जा बहुत होती है। इनके सेवन से हृदय को शक्ति और स्वास्थ्य मिलता है, जिससे उनकी कार्य-क्षमता बढ़ जाती है।

2. बाजरा, मक्का, ज्वार और रागी
ये ओमेगा-3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं। इनमें अनेक खनिज, जैसे आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस इत्यादि प्रचुर मात्रा में होते हैं। इन खनिजों की सहायता से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जो रक्त प्रवाह में सहायक रहती हैं। इनमें थोड़ी मात्रा में मौजूद प्रोटीन सूजन और रक्त संचारण को संतुलित रखता है।
योग, आसन और प्राणायाम शरीर में रक्त संचारण को अनेक तरीकों से लाभ पहुँचाते हैं। इनका अभ्यास न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि शरीर की धमनियों, हृदय और श्वसन प्रणाली पर सीधा सकारात्मक प्रभाव डालता है।
1. रक्त वाहिकाओं को फैलाना और लचीला बनाना
योगासन शरीर को खींचते हैं और धमनियों में ऐंठन और अकड़न को कम करके लचीला बनाते हैं, जिससे रक्त प्रवाह अवरोध रहित रहता है। आसन और प्राणायाम का शरीर की मांसपेशियों और नसों पर सीधा असर पड़ता है, जिससे वे सक्रिय बनती हैं। हृदय की क्रियाशीलता और प्राणायाम में लंबी साँस भरने की क्रिया से दूर-दूर फैली नस-नाड़ियों तक रक्त सफलतापूर्वक पहुँचता है। शयन की स्थिति में शरीर के निचले हिस्सों में जमा रक्त ऊपर की ओर सरलता-पूर्वक प्रवाहित होता है।
2. हृदय की कार्य-क्षमता में सुधार
आसन और प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की धड़कन नियंत्रित रहती है और उसकी पंप करने की क्षमता बेहतर होती है, जिससे रक्त धमनियों के माध्यम से पूरे शरीर में पहुँचता है और शिराओं के माध्यम से पूरी तरह वापस हृदय में चला जाता है।
3. मानसिक तनाव कम करना
तनाव रक्त संचार को बाधित करता है तथा उच्च रक्तचाप का कारण बनता है। योगाभ्यास से ये दोनों नियंत्रित होते हैं। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है तथा रक्त में ऑक्सीजन का स्तर ऊँचा बना रहता है। ध्यान से मन शांत होता है, नसों में मौजूद तनाव कम होता है और रक्त प्रवाह अच्छा बनता है। योगाभ्यास से रक्त वाहिकाओं में जमा कोलेस्ट्रॉल या प्लैक धीरे-धीरे घटने लगता है, शरीर की सूजन कम होती है और रक्त संचार बेहतर बनता है।
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