सरसों का तेल: यह तो हम सभी जानते हैं कि सरसों का तेल भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके फायदे केवल भोजन तक सीमित नहीं हैं। पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडैंट्स से भरपूर सरसों का तेल वजन नियंत्रण, त्वचा की देखभाल, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में भी सहायक माना जाता है।
दर्द रोकने में असरदार सरसों का तेल
वजन कम करना
इसमें मौजूद कुछ महत्वपूर्ण ‘बी’ विटामिन जैसे ‘थियामाइन’ (बी1), ‘फोलेट‘ (बी 9) और ‘नियासिन’ (बी 3) शरीर के ‘मैटाबालिज्म’ को बढ़ाती है, जिससे वजन आसानी से कम होने लगता है। ‘मैटाबालिज्म‘ से अर्थ ‘चयापचय’ से है जो शरीर की जीवित कोशिकाओं में होने वाली उन सभी रासायनिक प्रक्रियाओं का योग है, जो हमारे शरीर को सुचारू रूप से चलाने और जीवन को बनाए रखने के लिए भोजन को ऊर्जा में बदलती हैं। सरल शब्दों में कहें तो ‘मैटाबालिज्म’ भोजन को ऊर्जा में बदलने वाली शरीर की प्रक्रिया होती है।
बढ़ती उम्र थमे
सरसों के तेल में विटामिन ‘ए’, ‘बी’ और ‘के’ की अधिक मात्रा होती है जो बढ़ती उम्र से होने वाली झुर्रियों और निशान आदि को दूर करते हैं। सरसों का तेल एंटीऑक्सीडैंट्स से भी भरपूर होता है जिससे त्वचा ‘टाइट’ बनी रहती है।
कोलेस्ट्रोल कम करे
सरसों से विटामिन ‘बी 3’ की भरपूर मात्रा पाई जाती है जिसमें कोलेस्ट्रोल को कम करने का गुण पाया जाता है, जो ‘आर्टरीज‘ (धमनियों) को ‘अथेरोक्लेरोसिस‘ (धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमना) से बचाता है जिससे रक्त प्रवाह ठीक रहता है और शरीर को उच्च रक्तचाप नहीं होता।

त्वचा के लिए
सरसों में ‘सल्फर’ भी पाया जाता है जो एक एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल तत्व है। यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस को बढ़ने से रोकता है। इससे त्वचा में इन्फैक्शन का खतरा कम हो जाता है और त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनाती है।
इम्यूनिटी बढ़ाए
सरसों में आयरन, मैगनीज और कॉपर जैसे तत्व भी पाए जाते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे जल्द बीमारियां शरीर को जकड़ नहीं पाती हैं।
दर्द से आराम
सरसों के तेल की मालिश से गठिया रोग और जोड़ों का दर्द भी ठीक हो जाता है। हल्के गर्म तेल की मसाज से रूखी-सूखी त्वचा भी नर्म, मुलायम व चिकनी हो जाती है।
शक्ति बढ़ाए
सरसों के तेल को कई लोग टॉनिक के रूप में भी प्रयोग करते हैं। यह शरीर के कार्य करने की क्षमता बढ़ा कर शरीर की कमजोरी को दूर करने में सहायता करता है। इस तेल की मालिश करने के बाद स्नान करने से शरीर तथा त्वचा दोनों स्वस्थ रहते हैं।
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