Anand Bakshi Friendship Breakup Bollywood Song मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे: आनंद बक्षी

मेरे दिल से सितमगर तू ने अच्छी दिल्लगी की है
के बन के दोस्त अपने दोस्तों से दुश्मनी की है

मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे
मुझे गम देनेवाले तू खुशी को तरसे

तू फूल बने पतझड़ का, तुझ पे बहार न आये कभी
मेरी ही तरह तू तड़पे, तुझ को करार न आये कभी
जिये तू इस तरह के जिंदगी को तरसे

इतना तो असर कर जाये, मेरी वफ़ायें, ओ बेवफा
एक रोज तुझे याद आये, अपनी जफायें, ओ बेवफा
पशेमां हो के रोये, तू हँसी को तरसे

तेरे गुलशन से ज़्यादा, वीरान कोई विराना ना हो
इस दुनिया में कोई तेरा अपना तो क्या, बेगाना ना हो
किसी का प्यार क्या तू बेरूख़ी को तरसे

~ आनंद बक्षी

गीतकार: आनंद बक्षी
गायक: मोहम्मद रफी
संगीतकार: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
चित्रपट: आये दिन बहार के (1966)

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