Signs of Auspicious Happenings प्रकृति के इशारे बताते हैं शगुन और अपशगुन

Signs of Auspicious Happenings प्रकृति के इशारे बताते हैं शगुन और अपशगुन

आज विज्ञान चाहे कितनी भी तरक्की कर गया है लेकिन प्राचीनकाल से बड़े-बुजुर्गों ने अपने तुजर्बे के आधार पर, जो शगुन और अपशगुन की मान्यता स्थापित की थी, वो जितनी सही और सटीक कल थी उतनी आज भी है। प्रकृति से नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा का संचार होता है। जिसे शगुन और अपशगुन के तौर पर जाना जाता है। समझें प्रकृति के इशारे:

  • गाय का घर के द्वार पर आकर रंभाना अथवा आस-पास आकर बैठना संकेत है कि घर में सुख-समृद्धि और धन का प्रवेश होने वाला है।
  • जेब में से एकाएक धन गिर जाना।
  • रसोई घर में दूध का उबल कर पात्र में से बाहर आ जाना।
  • किसी से पैसों का लेन-देन करते समय हल्दी लगा सिक्का अथवा नोट मिलना।
  • कौआ उड़ान भरता हुआ अकस्मात आपके आगे आ जाए और चरण स्पर्श करके उड़ जाए।
  • मोर की मीठी ध्वनि तीन बार सुनाई दे तो समझ जाएं जल्दी ही आपकी लॉटरी निकलने वाली है। दैवीय कृपा से आपको वो सब प्राप्त होगा जिसकी चाह बरसों से आपने दिल में छुपा कर रखी थी।
  • आवश्यक कार्य के लिए घर से निकलने पर पक्ष‌ियों का झुंड द‌िख जाए तो समझें आपके वारे-न्यारे होने वाले हैं। जिस काम के लिए जा रहे हैं वो तो पूरा होगा साथ में उम्मीद से दोगुना लाभ भी प्राप्त होगा।
  • घर में दो मुंहा का सांप आ जाए अथवा सांप की केंचुली मिले तो कुबेर आप पर मेहरबान होकर खोल देंगे अपने खजाने का द्वार।
  • दीपावली की रात ब‌िल्ली अथवा छिपकली घर में आ जाए तो समझ जाएं देवी लक्ष्मी का प्रवेश हो गया है। घर में किसी भी तरह की कोई समस्या शेष नहीं रहेगी।
  • दाईं आंख की ऊपरी पलक फड़के तो धन लाभ के साथ-साथ खुशखबरी मिलती है।

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