ए माँ तू कहाँ - कवि प्रदीप Mothers Day Special Hindi Film Song

ए माँ तू कहाँ: कवि प्रदीप

ए माँ तू कहाँ मेरी अंधी आँखे
ढूंढ रही है तुझको यहाँ वहाँ
ए माँ तू कहाँ तू कहाँ

तेरे घर का दुलारा आज सड़क पे मारा मारा भटके
तेरे घर दुलारा आज सड़क पे मारा मारा भटके
दर दर की ठोकरे खाता हुआ तेरी आँख का तारा भटके
मैं तुझ कैसे आऊ मैं तुझ तक कैसे आऊ
हे बहुत बड़ी दुनिया ए माँ कहाँ तेरी अंधी आँखे
ढूंढ रही है तुझको यहाँ वहाँ ए माँ तू कहाँ तू कहाँ

माँ तू ना मिली तों ना जाने क्या होगा मेरा अंजाम
माँ तू ना मिली तों ना जाने क्या होगा मेरा अंजाम
एक बार तू आके लिख दे मेरे गाल पे अपना नाम
मेरी मईयाँ गले से लगाले मेरी मईयाँ गले से लगाले
मुझकों तू आके यहाँ ए माँ तू कहाँ मेरी अंधी आँखे
ढूंढ रही है तुझको यहाँ वहाँ ए माँ तू कहाँ तू कहाँ

बीते कई बरस है तेरी याद में जीते जीते
ए माँ बीते कई बरस है तेरी याद में जीते जीते
मेरी सारी खुशियां डूब गयी है आँसू पीते पीते
मैं वो एक अंधा कुआ हूँ मैं वो एक अंधा कुआ हूँ
जिसमे है धुआँ ही धुआँ ए माँ तू कहाँ मेरी अंधी आँखे
ढूंढ रही है तुझको यहाँ वहाँ ए माँ तू कहाँ तू कहाँ

~ कवि प्रदीप

Film: Aankh Ka Tara (1977)
Singer: Usha Mangeshkar, Mohd Rafi
Music: C. Arjun
Actors: Nirupa Roy, Sachin

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