आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है साच्ची उसके दुनिया में भगवान ने प्यार उतारा है माँ का दूजा नाम है प्यार मेरे साथी मेरे यार आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ …
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कर चले हम फ़िदा जानो तन साथियो: कैफी आज़मी
देश प्रेम और देश के लिए कुछ कर गुज़रने का जज़्बा हर नागरिक में होता है। हिंदी सिनेमा ने भी इस मोहब्बत और जज़्बे को बख़ूबी अभिव्यक्त किया है। आज भी देशभक्ति के कई ऐसे गाने हैं जो लोकप्रिय हैं। बदलते वक़्त के साथ इनकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है। कुछ ऐसे बेशक़ीमती गीत है जो हर नागरिक को …
Read More »Kaifi Azmi Biography, Urdu Poet & Film Career
Born as Akhtar Hussain Rizvi in a family of landlords of a small town of Uttar Pradesh, Kaifi Azmi was a very renowned Urdu poet of India. Though his father, Syed Fateh Hussain Rizvi was a landlord, he also worked as a Tehsildar in a small state in Uttar Pradesh. He wanted to send him to a school that imparted …
Read More »Which day is the Maghi Day?
The day following Lohri is called ‘Maghi’, signifying the beginning of the month of Magh. According to Hindu beliefs, this is an auspicious day to take a holy dip in the river and give away charity. Sweet dishes (usually kheer) are prepared with sugar cane juice to mark the day. Lohri is more than just a festival, especially for the …
Read More »युवा / युवावस्था पर अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए
National Youth Day / राष्ट्रीय युवा दिवस is celebrated in India on 12 January on the birthday of Swami Vivekananda. युवा / युवावस्था पर अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए
Read More »अन्तर्द्वन्द: द्वन्द्व का अर्थ, प्रकार और मुख्य स्रोत
अन्तर्द्वन्द का अर्थ “परस्पर विरोधी इच्छाएं, आदर्श तथा लक्ष्य उपस्थित होने पर तत्सम्बन्धी सही चुनाव या सही निर्णय लेने में अपने आपको असमर्थ पाना।” द्वन्द्व ही मानव की निराशाओं का मूल स्रोत माना गया है, क्योंकि द्वन्द्व में लक्ष्य की प्राप्ति में विलम्ब या बाधा उत्पन्न होती है। मन में ‘किंकर्त्तव्यविमूढ़मता‘ को स्थिति बन जाती है। तब भय, चिता, व्यवहार …
Read More »हम देखेंगे: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की विवादास्पद नज़्म
साल 1985 में जनरल ज़िया उल हक़ के फ़रमान के तहत औरतों के साड़ी पहनने पर पाबंदी लगा दी गई थी। पाकिस्तान की मशहूर गुलुकारा इक़बाल बानो ने एहतिजाज दर्ज कराते हुए लाहौर के एक स्टेडियम में काले रंग की साड़ी पहन कर 50000 सामईन के सामने फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की ये नज़्म गाई। नज़्म के बीच बीच में सामईन …
Read More »मलाला युसुफ़ज़ई के अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए
मलाला युसुफ़ज़ई (जन्म: 12 जुलाई 1997) को बच्चों के अधिकारों की कार्यकर्ता होने के लिए जाना जाता है। वह पाकिस्तान के ख़ैबर-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वात जिले में स्थित मिंगोरा शहर की एक छात्रा है। 13 साल की उम्र में ही वह तहरीक-ए-तालिबान शासन के अत्याचारों के बारे में एक छद्म नाम के तहत BBC के लिए ब्लॉगिंग द्वारा स्वात के …
Read More »अकाल और उसके बाद: भुखमरी की समस्या पर कविता
This poem is of the era when food scarcity and droughts were chronic problems in India. The joy of getting some grains and cooking food after days without food can be imagined. It would have been celebrated not only by humans but the tiny animal life that lurked around. Enjoy this classic short poem by Nagarjun. अकाल और उसके बाद: …
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