फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ – भारतीय उपमहाद्वीप के एक विख्यात पंजाबी शायर थे जिनको अपनी क्रांतिकारी रचनाओं में रसिक भाव (इंक़लाबी और रूमानी) के मेल की वजह से जाना जाता है। सेना, जेल तथा निर्वासन में जीवन व्यतीत करने वाले फ़ैज़ ने कई नज़्म, ग़ज़ल लिखी तथा उर्दू शायरी में आधुनिक प्रगतिवादी (तरक्कीपसंद) दौर की रचनाओं को सबल किया। उन्हें नोबेल …
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तनखा दे दो बाबूजी: मजदूर दिवस पर हिंदी कविता
अबके तनखा दे दो सारी बाबूजी अब के रख लो बात हमारी बाबूजी इक तो मार गरीबी की लाचारी है उस पर टी.बी. की बीमारी बाबूजी भूखे बच्चों का मुरझाया चेहरा देख दिल पर चलती रोज़ कटारी बाबूजी नूण-मिरच मिल जाएँ तो बडभाग हैं हमने देखी ना तरकारी बाबूजी दूधमुंहे बच्चे को रोता छोड़ हुई घरवाली भगवान को प्यारी बाबूजी …
Read More »साथी हाथ बढ़ाना: साहिर लुधियानवी का श्रमिक दिवस विशेष फ़िल्मी गीत
नया दौर का एक यादगार गीत। फिल्म नया दौर आजादी के बाद देश में किस तरह के बदलाव आए और लोग किस तरह आधुनिकता की ओर अपने कदम बढ़ाने लगे थे, इसे भी समझाया गया था। यह फिल्म भारतीयों के संघर्ष की कहानी है, जिसे बखूबी पर्दे पर उतारा निर्देशक बी.आर. चोपड़ा ने. 1957 में आई इस फिल्म से सिनेमा …
Read More »सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं: आनंद बक्षी का श्रमिक दिवस पर फ़िल्मी गीत
आनन्द बक्षी यह वह नाम है जिसके बिना आज तक बनी बहुत बड़ी-बड़ी म्यूज़िकल फ़िल्मों को शायद वह सफलता न मिलती जिनको बनाने वाले आज गर्व करते हैं। आनन्द साहब चंद उन नामी चित्रपट (फ़िल्म) गीतकारों में से एक हैं जिन्होंने एक के बाद एक अनेक और लगातार साल दर साल बहुचर्चित और दिल लुभाने वाले यादगार गीत लिखे, जिनको …
Read More »विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस पर विद्यार्थियों और बच्चों के लिए जानकारी
प्रति वर्ष 12 जून के दिन को विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 2016 के लिए इस दिवस का थीम है – “आपूर्ति श्रृंखलाओं में श्रम को खत्म करना हर किसी का दायित्व है“। इस दिवस का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की जरुरत पर बल देना तथा इसके प्रति लोगों को …
Read More »महंगाई मार गई: वर्मा मलिक का महंगाई पर फ़िल्मी गीत
प्रोड्यूडर-डायरेक्टर-एक्टर मनोज कुमार की ‘रोटी कपड़ा और मकान‘ (1974) में एक हिट गाना था – बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गयी। इसकी बड़ी मज़ेदार कहानी है। मनोज के कहने पर गीतकार वर्मा मलिक ने महंगाई पर एक गाना लिखा। गाना क्या कव्वाली बन गयी। उसे पहले तो पढ़ कर सब हंसे। कंटेंट पर भी और इस पर भी क्या …
Read More »बाल मजदूरी को रोको पर विद्यार्थियों और बच्चों के लिए अनमोल विचार
हमारे देश के साथ ही विदेशों में भी बाल मजदूरी एक बड़ा मुद्दा है जिसके बारे में हर एक को जागरुक होना चाहिए। चलिये, हम अपने बच्चों को इसके बारे में बताते है, इसके क्या कारण और उपाय है, जिससे समाज को इस बुराई से बचाया जा सके। सभी बच्चों को ये नारे (Slogan) समझ में आये इसलिये इन्हें बेहद …
Read More »नृसिंह चतुर्दशी की जानकारी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नृसिंह चतुर्दशी अथवा जयंती कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्री हरि विष्णु ने नृसिंह अवतार धारण कर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का संहार किया था। भक्त की भगवान के प्रति अटूट आस्था को सिद्ध करते हुए भगवान ने जगत को बताया की वह संसार के कण-कण में विराजमान हैं। …
Read More »नृसिंह जयंती की जानकारी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
Narasimha (नरसिंह) is an avatar of the Hindu God Vishnu, one who incarnates in the form of part lion and part man to destroy an evil, end religious persecution and calamity on Earth, thereby restoring Dharma. पदम पुराण के अनुसार दिति और ऋषि कश्यप जी के दो पुत्र हिरण्यकश्य (हिरण्याकशिपु) और हिरण्याक्ष हुए। यह दोनों बड़े बलशाली एवं पराक्रमी थे …
Read More »मुरझाया फूल: महादेवी वर्मा जी की हिंदी कविता
World loves you till the time you have some thing to give. After that you are forgotten. This bitter truth is described metaphorically in this lovely poem by Mahadevi Verma. था कली के रूप शैशव में‚ अहो सूखे सुमन हास्य करता था‚ खिलाती अंक में तुझको पवन खिल गया जब पूर्ण तू मंजुल‚ सुकोमल पुष्पवर लुब्ध मधु के हेतु मंडराते …
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