Yearly Archives: 2018

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला देखूँ: कुमार विश्वास

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला देखूँ: कुमार विश्वास

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला, देखूँ, है अँधेरे में उजाला, तो उजाला देखूँ आइना रख दे मेरे हाथ में, आख़िर मैं भी, कैसा लगता है तेरा चाहने वाला देखूँ, जिसके आँगन से खुले थे मेरे सारे रस्ते, उस हवेली पे भला कैसे मैं ताला देखूँ। हर एक नदिया के होंठों पे समंदर का तराना है, यहाँ फरहाद के आगे …

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प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये: कुमार विश्वास

प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये: कुमार विश्वास

प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये, ओढ़नी इस तरह उलझे कि कफ़न हो जाये। घर के एहसास जब बाजार की शर्तो में ढले, अजनबी लोग जब हमराह बन के साथ चले। लबों से आसमां तक सबकी दुआ चुक जाये, भीड़ का शोर जब कानो के पास रुक जाये। सितम की मारी हुई वक्त की इन आँखों में, …

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कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है: कुमार विश्वास

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है: कुमार विश्वास

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है, मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है। मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है, ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है। मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है, कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है। यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों …

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कुछ छोटे सपनो के बदले: कुमार विश्वास

कुछ छोटे सपनो के बदले: कुमार विश्वास

कुछ छोटे सपनो के बदले, बड़ी नींद का सौदा करने, निकल पडे हैं पांव अभागे, जाने कौन डगर ठहरेंगे… वही प्यास के अनगढ़ मोती, वही धूप की सुर्ख कहानी, वही आंख में घुटकर मरती, आंसू की खुद्दार जवानी, हर मोहरे की मूक विवशता, चौसर के खाने क्या जाने, हार जीत तय करती है वे, आज कौन से घर ठहरेंगे, निकल …

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डर लगता है!: कुमार विश्वास

डर लगता है! - हताश कुमार विश्वास की निराश कविता

हर पल के गुंजन की स्वर–लय–ताल तुम्हीं थे, इतना अधिक मौन धारे हो, डर लगता है! तुम, कि नवल–गति अंतर के उल्लास–नृत्य थे, इतना अधिक हृदय मारे हो, डर लगता है! तुमको छू कर दसों दिशाएं सूरज को लेने जाती थीं, और तुम्हारी प्रतिश्रुतियों पर बांसुरियाँ विहाग गाती थीं तुम, कि हिमालय जैसे, अचल रहे जीवन भर, अब इतने पारे–पारे …

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नेह के सन्दर्भ बौने हो गए: कुमार विश्वास

नेह के सन्दर्भ बौने हो गए - कुमार विश्वास

नेह के सन्दर्भ बौने हो गए होंगे मगर, फिर भी तुम्हारे साथ मेरी भावनायें हैं, शक्ति के संकल्प बोझिल हो गये होंगे मगर, फिर भी तुम्हारे चरण मेरी कामनायें हैं, हर तरफ है भीड़ ध्वनियाँ और चेहरे हैं अनेकों, तुम अकेले भी नहीं हो, मैं अकेला भी नहीं हूँ, योजनों चल कर सहस्रों मार्ग आतंकित किये पर, जिस जगह बिछुड़े …

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2018 Gurpurab Dates: When are Gurpurabs in 2018

2017 Guru Purab Dates

2018 Gurpurab Dates The Sikh festivals are celebrated as Gurpurabs, meaning “Guru’s Remembrance Day”. Gurpurabs are commemorated to mark the birth anniversary or the martyrdom of any one of the Sikh gurus. Each of the Gurus is remembered with immense pride, honor and tribute. Almost all the Guru Purabs have similar kind of celebrations and traditions with differences in the …

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Textile Patterns & Embroidery Designs 10

Sarika Agrawal Flowers & Petals Textile Designs

Chikan or Chikankari Embroidery: The present form of chikan (meaning elegant patterns on fabric) work is associated with the city of Lucknow, in Uttar Pradesh. Chikan embroidery on silk is Lucknow’s own innovation. The other chikan styles are that of Calcutta and Dacca. However, characteristic forms of stitch were developed in Lucknow: phanda and murri. Chikan embroidery is believed to …

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Textile Patterns & Embroidery Designs 9

Sarika Agarwal Textile Patterns

Banni or Heer Bharat (Gujarat) Embroidery: The Banni or Heer Bharat embroidery originates in Gujarat, and is practiced mainly by the Lohana community. It is done with silk floss (Heer means “silk floss”) and it is famous for its vibrancy and richness in color pallets & design patterns, which include shisha (mirror) work. Bagh and phulkari embroidery of the Punjab …

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