Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है
दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

साथ-साथ जो खेले थे बचपन में,
वो सब दोस्त अब थकने लगे है,
किसी का पेट निकल आया है,
किसी के बाल पकने लगे है।

सब पर भारी ज़िम्मेदारी है,
सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है,
दिनभर जो भागते दौड़ते थे,
वो अब चलते चलते भी रुकने लगे है,
उफ़ क्या क़यामत हैं,
सब दोस्त थकने लगे है।

किसी को लोन की फ़िक्र है,
कहीं हेल्थ टेस्ट का ज़िक्र है,
फुर्सत की सब को कमी है,
आँखों में अजीब सी नमीं है।

कल जो प्यार के ख़त लिखते थे,
आज बीमे के फार्म भरने में लगे है,
उफ़ क्या क़यामत हैं,
सब दोस्त थकने लगे है।

देख कर पुरानी तस्वीरें,
आज जी भर आता है,
क्या अजीब शै है ये वक़्त भी,
किस तरहा ये गुज़र जाता है,
कल का जवान दोस्त मेरा,
आज अधेड़ नज़र आता है।

कल के ख़्वाब सजाते थे जो कभी,
आज गुज़रे दिनों में खोने लगे है,
उफ़ क्या क़यामत हैं,
सब दोस्त थकने लगे है।

~ व्हात्सप्प से ली गयी

आपको यह कविता “सब दोस्त थकने लगे है” कैसी लगी – आप से अनुरोध है की अपने विचार comments के जरिये प्रस्तुत करें। अगर आप को यह कविता अच्छी लगी है तो Share या Like अवश्य करें।

यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@4to40.com. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!

Check Also

World No Child Labour Day Images, Stock Photos

World No Child Labour Day Images, Stock Photos

World Day Against Child Labour Photo Gallery: Millions of children, every year, are robbed of …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *