Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » फूल और मिट्टी – वीरबाला भावसार

फूल और मिट्टी – वीरबाला भावसार

मिट्टी को देख फूल हँस पड़ा
मस्ती से लहरा कर पंखुरियाँ
बोला वह मिट्टी से–
उफ मिट्टी!
पैरों के नीचे प्रतिक्षण रौंदी जा कर भी
कैसे होता है संतोष तुम्हें?
उफ मिट्टी!
मैं तो यह सोच भी नहीं सकता हूं क्षणभर‚
स्वर में कुछ और अधिक बेचैनी बढ़ आई‚
ऊंचा उठ कर कुछ मृदु–पवन झकोरों में
उत्तेजित स्वर में‚
वह कहता कहता ही गया–
कब से पड़ी हो ऐसे?
कितने युग बीत गये?
तेरे इस वक्ष पर ही सृजन मुस्कुराए‚
कितने ताण्डव इठलाए?
किंतु तुम पड़ी थीं जहां‚
अब भी पड़ी हो वहीं‚
कोइ विद्रोह नहीं मन में तुम्हारे उठा‚
कोई सौंदर्य भाव पलकों पर नहीं जमा।
अधरों पर कोई मधु–कल्पना न आई कभी‚
कितनी नीरस हो तुम‚
कितनी निष्क्रिय हो तुम‚
बस बिलकुल ही जड़ हो!

मिट्टी बोली–प्रिय पुष्प
किसके सौंदर्य हो तुम?
किसके मधु–गान हो?
किसकी हो कल्पना‚ प्रिय?
किसके निर्माण हो?
किसकी जड़ता ने तुम्हें चेतना सुरभी दी है?
किसकी ममता ने जड़ें और गहरी कर दी हैं?
नित–नित विकसो‚ महको
पवन चले लहराओ‚
पंखुरिया सुरभित हों‚
किरन उगे मुस्काओ‚
लेकिन घबरा कर संघर्षों से जब–जब‚
मुरझा तन–मन लेकर मस्तक झुकाओगे‚
तब–तब ओ रूपवान!
सुरभि–वान!
कोमल–तन!
मिट्टी की गोद में ही चिर–शांति पाओगे।

∼ डॉ. वीरबाला भावसार

About Veerbala Bhavsar

डॉ. वीरबाला भावसार (अक्टूबर 1931 – अगस्त 2010) स्वतंत्र्ता से पूर्व जन्मे रचनाकारों की उस पीढी से है, जिन्होंने प्रयोगवाद व प्रगतिवाद के दौर में अपनी रचना-यात्र प्रारम्भ की तथा आधुनिक मुक्त छंद की कविता तक विभिन्न सोपान से गुजरते हुए कविता कामिनी के सुकुमार स्वरूप को बनाए रखा। छायावादियों की तरह का एक रूमानी संसार कविता म बसाए रखना, इस प्रकार के रचनाकारों की विशिष्टता है। इस दौर में हिन्दी साहित्य में कई बडे रचनाकारों ने गद्य गीतों की रचना की। डॉ. वीरबाला भावसार द्वारा रचित इस संकलन की कुछ कविताओं यथा ‘भोर हुई है’, ‘मैं निद्रा में थी’, ‘वैरागिनी’, ‘तुलिका हूँ’ तथा ‘बाती जलती है’ आदि को गद्य गीत या गद्य काव्य की श्रेणी में रखा जा सकता है।

Check Also

Hindi Song Dedicate To Father पापा की परी

Hindi Song Dedicated To Father पापा की परी

Ladies and gentlemen A son is a son till he gets himself a wife, but …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *