Home » Poems For Kids » Poems In Hindi » पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो – मीरा बाई
पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो - मीरा बाई

पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो – मीरा बाई

वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु
किरपा कर अपणायो
पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो

जनम–जनम की पूँजी पाई
जग में सबै खोबायो
खरचे नहीं‚ कोई चोर न लेवै
दिन–दिन बढ़त सवायौ
पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो

सत की नाव‚ खेवटिया सतगुरु
भव सागर तरि आयौ
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
हरिख–हरिख जस गायौ
पायो जी मैंने‚ राम रतन धन पायो

~ मीरा बाई


Check Also

roop-ke-badal-gopi-krishna-gopesh

रूप के बादल – गोपी कृष्ण ‘गोपेश’

रूप के बादल यहाँ बरसे, कि यह मन हो गया गीला! चाँद–बदली में छिपा तो …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *