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Hindi Wisdom poem from Father to Son बाप का कंधा

Hindi Wisdom poem from Father to Son बाप का कंधा

मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा
जब मेरे कंधे पर खड़ा हो गया
मुझसे कहने लगा
देखो पापा मैं तुमसे बड़ा हो गया

मैंने कहा बेटा –

इस गलत फ़हमी में भले ही जकड़े रहना
मगर मेरा हाथ पकड़े रहना
जिस दिन यह हाथ छूट जाएगा
बेटा तेरा रंगीन सपना भी टूट जाएगा

दुनिया वास्तव में उतनी हसीन नहीं है
देख तेरे पाँव तले अभी जमीन नहीं है
मैं तो बाप हूँ बेटा
बहुत खुश हो जाऊँगा

जिस दिन तू वास्तव में बड़ा हो जाएगा
मगर बेटे कंधे पर नहीं
जब तू जमीन पर खड़ा हो जाएगा

ये बाप तुझे अपना सब कुछ दे जाएगा!
और तेरे कंधे पर दुनियाँ से चला जाएगा!

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