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ख़य्याम की मधुशाला (भाग एक) – हरिवंश राय बच्चन

चलो चल कर बैठें उस ठौर,
बिछी जिस थल मखमल सी घास,
जहाँ जा शस्य श्यामला भूमि,
धवल मरु के बैठी है पास।

घनी सिर पर तरुवर की डाल,
हरी पाँवों के नीचे घास,
बग़ल में मधु मदिरा का पात्र,
सामने रोटी के दो ग्रास,

सरस कविता की पुस्तक हाथ,
और सब के ऊपर तुम प्राण,
गा रही छेड़ सुरीली तान,
मुझे अब मधु नंदन उद्यान।

सुना मैंने कहते कुछ लोग,
मधुर जग पर मानव का राज,
और कुछ कहते जग से दूर,
स्वर्ग में ही सब सुख का साज!

दूर का छोड़ प्रलोभन मोह,
करो जो पास उसी का मोल,
सुहाने बस लगते हैं, प्राण,
अरे ये दूर–दूर के ढोल!

जगत की आशाएँ जाज्वल्य,
लगाता मानव जिन पर आँख,
न जाने सब की सब किस ओर,
हाय! उड़ जातीं बन कर राख!

किसी की यदि कोई अभिलाष,
फली भी तो वह कितनी देर,
धूसरित मरु पर हिमकण राशि,
चमक पाती है कितनी देर!

समेटा जिन कृपणों ने स्वर्ण,
सुरक्षित रक्खा उसको मूँद,
लुटाया और जिन्होंने खूब,
लुटाते जैसे बादल बूँद,

गड़े दोनों ही एक समान,
हुए मिट्टी के दोनों हाड़,
न कोई हो पाया वह स्वर्ण,
जिसे देखें फिर लोग उखाड़।

यहाँ आ बड़े बड़े सुल्तान,
बड़ी थी जिनकी शौकत शान,
न जाने कर किस ओर प्रयाण,
गये बस दो दिन रह मेहमान।

और अब जो कुछ भी है शेष,
भोग वह सकते हम स्वच्छंद,
राख में मिल जाने के पूर्व
न क्यों कर लें जी भर आनंद;

गड़ेंगे जब हम होकर राख
राख में तब फिर कहाँ बसंत
कहाँ स्वरकार, सुरा, संगीत,
कहाँ इस सूनेपन का अंत!

∼ हरिवंश राय बच्चन

About Harivansh Rai Bachchan

हरिवंश राय श्रीवास्तव "बच्चन" (२७ नवम्बर १९०७ – १८ जनवरी २००३) हिन्दी भाषा के एक कवि और लेखक थे।'हालावाद' के प्रवर्तक बच्चन जी हिन्दी कविता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवियों मे से एक हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति मधुशाला है।आप भारतीय फिल्म उद्योग के प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन के पिता थे। बच्चन का जन्म 27 नवम्बर 1907 को इलाहाबाद के नज़दीक प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव बाबूपट्टी में एक कायस्थ परिवार मे हुआ था। इनके पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव तथा माता का नाम सरस्वती देवी था। इनको बाल्यकाल में 'बच्चन' कहा जाता था जिसका शाब्दिक अर्थ 'बच्चा' या संतान होता है। बाद में ये इसी नाम से मशहूर हुए। इन्होंने कायस्थ पाठशाला में पहले उर्दू की शिक्षा ली जो उस समय कानून की डिग्री के लिए पहला कदम माना जाता था। उन्होने प्रयाग विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में एम. ए. और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य के विख्यात कवि डब्लू बी यीट्स की कविताओं पर शोध कर पीएच. डी. पूरी की। १९२६ में १९ वर्ष की उम्र में उनका विवाह श्यामा बच्चन से हुआ जो उस समय १४ वर्ष की थीं। लेकिन १९३६ में श्यामा की टीबी के कारण मृत्यु हो गई। पांच साल बाद १९४१ में बच्चन ने एक पंजाबन तेजी सूरी से विवाह किया जो रंगमंच तथा गायन से जुड़ी हुई थीं। इसी समय उन्होंने 'नीड़ का पुनर्निर्माण' जैसे कविताओं की रचना की। तेजी बच्चन से अमिताभ तथा अजिताभ दो पुत्र हुए। अमिताभ बच्चन एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं। तेजी बच्चन ने हरिवंश राय बच्चन द्वारा शेक्सपियर के अनूदित कई नाटकों में अभिनय का काम किया है।

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