शरीर, इंद्रियों, मन व प्राण की हलचल को दूर करता है: Corpse Pose / Shavasana शवासन

शरीर, इंद्रियों, मन व प्राण की हलचल को दूर करता है: Corpse Pose / Shavasana शवासन

शव के समान शरीर को ढीला छोड़कर आराम से कमर के बल लेट जाएं। दोनों पैरों में एक से डेढ़ फुट का अंतर रखें और दोनों हाथ शरीर से थोड़ी दूरी पर ढीले छोड़ दें। आंखे बंद कर लें, अब अपने ध्यान को आती-जाती सांस पर ले आएं। अब ध्यान को शरीर के अंगों पर लाएं और नीचे से ऊपर प्रत्येक अंग को साक्षी भाव से देखते जाएं। महसूस करें कि पूरा शरीर शव जैसा पड़ा है। न हिलता है, न डुलता है, बस आराम ही आराम है। अब अपने ध्यान को माथे के बीचों-बीच आज्ञाचक्र पर ले आएं और साक्षी भाव से इस स्थान को अनुभव करते रहें।

यहां कोई कल्पना नहीं करनी है। जुड़ जाएं अपने भीतर से, अपने स्वरुप से, अपने आप से। अनुभव करे कि मैं शुद्ध-बुद्ध चैतन्य आत्मा हूं, यह शरीर मन व बुद्धि, मेरे आवरण हैं, मैं इनसे अलग हूं। कुछ देर यहां आराम करने के बाद अपने ध्यान को सांसों पर लाएं व लम्बा गहरा सांस भरें व निकालें, अब हाथों व पैरों की अंगुलियों में चेतना का अनुभव करें। धीरे-धीरे हाथों को उठाकर हथेलियों को आपस में रगड़ कर आंखों पर रख लें। कुछ देर आंखों पर रखने के बाद हथेलियां हटाकर करवट का सहारा लेते हुए धीरे से बैठ जाएं।

यह आसन तन-मन में ऊर्जा का संचार करने वाला है। शरीर, इंद्रियों, मन व प्राण की हलचल को दूर कर शांति देने वाला एक महत्त्वपूर्ण आसन है। यह ध्यान का एक तरीका है। शवासन जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं है। सबसे सरल होते हुए भी सबसे कठिन आसन है, क्योंकि इस आसन में मन को अपने अनुसार शरीर के अंगों पर लाना होता है। लेकिन यदि इस आसन को सही प्रकार से कर लिया जाए, तो यह शरीर को कुछ ही मिनटों में घंटों की नींद के बराबर आराम दे देता है। तनाव, हाई बीपी, नींद न आना, जल्दबाजी, चिड़चिड़ापन, बेचैनी आदि मन-मष्तिष्क के रोग को दूर करने वाला है।

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