Tag Archives: Wisdom Songs in Hindi

ऐसा देस है मेरा: जावेद अख्तर का लोकप्रिय फ़िल्मी देश भक्ति गीत

ऐसा देस है मेरा - जावेद अख्तर

जावेद अख़्तर का नाम भारत देश का बहुत ही जाना-पहचाना नाम हैं। जावेद अख्तर शायर, फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक तो हैं ही, सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी एक प्रसिद्ध हस्ती हैं। इनका जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। पिता जाँ निसार अख़्तर प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि और माता सफिया अखतर मशहूर उर्दु लेखिका तथा शिक्षिका …

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जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा: राजेंद्र कृष्ण

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा: राजेंद्र कृष्ण

राजेंद्र कृष्ण के गीतों का सफ़र ‘प्यार की शमा को तकदीर बुझाती क्यूं है किसी बर्बादे-मोहब्बत को सताती क्यूं है’। और 1948 में बनी फ़िल्म प्यार की जीत में क़मर जलालाबादी और राजेंद्र कृष्ण के गीत थे। राजेंद्र का यह गीत बहुत मकबूल हुआ ‘तेरे नैनों ने चोरी किया मेरा छोटा सा जिया परदेसिया’। 1948 में ‘बापू की यह अमर …

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सुनो गौर से दुनिया वालो: समीर का देशभक्ति फ़िल्मी गीत

सुनो गौर से दुनिया वालो - समीर

समीर हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार हैं। इनके ज्यादातर गीत हिट हुए और इनके द्वारा लिखें गए गीत आज भी लोगोंं की जुबानोंं पर हैं। उनके पिता अनजान भी गीतकार रहे थे। उनके पास सबसे अधिक गीत लिखने का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स है। उन्होंने लगभग 650 फिल्मों में 4000 गाने से अधिक लिखे हैं। उन्हें यश भारती पुरस्कार भी …

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मोहे तू रंग दे बसंती: प्रसून जोशी का जोश भर देने वाला फ़िल्मी गीत

मोहे तू रंग दे बसंती - प्रसून जोशी

प्रसून जोशी के “कुछ कर गुज़रने” की शुरुआत पहाड़ों से हुई। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में 1971 में जन्म हुआ। पिता पीसीएस अफसर थे। मां क्लासिकल सिंगर। मां-पिता दोनों की संगीत में दिलचस्पी थी। एक इंटरव्यू में प्रसून ने कहा था, “पिता पीसीएस अधिकारी थे तो देर रात तक लाइब्रेरी खुलवाए रखने में दिक्कत नहीं होती थी। सुबह नींद मां के रियाज़ …

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मेरे देश की धरती सोना उगले: गुलशन बावरा का देश प्रेम फ़िल्मी गीत

मेरे देश की धरती सोना उगले - गुलशन बावरा

गुलशन छह वर्ष की उम्र में कविता लिखने लगे थे। बचपन में ही मौत का दंश झेलने वाले गुलशन के गीतों में दर्द छलकता रहा। लोग इसमें डूबते रहे। विभाजन के बाद दिल्ली आकर यहां स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद मुंबई में गए और वहां संघर्ष शुरू हुआ। रेलवे में लिपिक की नौकरी की लेकिन मन गीतों में ही …

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साथी हाथ बढ़ाना: साहिर लुधियानवी का श्रमिक दिवस विशेष फ़िल्मी गीत

साथी हाथ बढ़ाना - साहिर लुधियानवी - Labour Day Film Song

नया दौर का एक यादगार गीत। फिल्म नया दौर आजादी के बाद देश में किस तरह के बदलाव आए और लोग किस तरह आधुनिकता की ओर अपने कदम बढ़ाने लगे थे, इसे भी समझाया गया था। यह फिल्म भारतीयों के संघर्ष की कहानी है, जिसे बखूबी पर्दे पर उतारा निर्देशक बी.आर. चोपड़ा ने. 1957 में आई इस फिल्म से सिनेमा …

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सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं: आनंद बक्षी का श्रमिक दिवस पर फ़िल्मी गीत

सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं - आनंद बक्षी - Labour Day Filmi Song

आनन्द बक्षी यह वह नाम है जिसके बिना आज तक बनी बहुत बड़ी-बड़ी म्यूज़िकल फ़िल्मों को शायद वह सफलता न मिलती जिनको बनाने वाले आज गर्व करते हैं। आनन्द साहब चंद उन नामी चित्रपट (फ़िल्म) गीतकारों में से एक हैं जिन्होंने एक के बाद एक अनेक और लगातार साल दर साल बहुचर्चित और दिल लुभाने वाले यादगार गीत लिखे, जिनको …

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महंगाई मार गई: वर्मा मलिक का महंगाई पर फ़िल्मी गीत

मंहगाई मार गई - Inflation & Labour Day Filmi Song

प्रोड्यूडर-डायरेक्टर-एक्टर मनोज कुमार की ‘रोटी कपड़ा और मकान‘ (1974) में एक हिट गाना था – बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गयी। इसकी बड़ी मज़ेदार कहानी है। मनोज के कहने पर गीतकार वर्मा मलिक ने महंगाई पर एक गाना लिखा। गाना क्या कव्वाली बन गयी। उसे पहले तो पढ़ कर सब हंसे। कंटेंट पर भी और इस पर भी क्या …

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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा: इन्द्रजीत सिंह तुलसी

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा - शोर - Hindi Filmi Song on Poverty

शोर 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसका लेखन, निर्देशन और निर्माण मनोज कुमार ने किया है। इसमें वह स्वयं जया भादुड़ी के साथ मुख्य भूमिका में हैं। शंकर (मनोज कुमार) एक दुर्घटना में अपनी पत्नी (नन्दा) को खो देता है। वह अपने बेटे को बचाते हुए मर जाती है। दुर्घटना के कारण, दीपक अपनी आवाज खो देता …

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