Tag Archives: Top 10 Devotional Poems in Hindi

Navratri Poems For Students And Children

Navratri Mantra: Hindu Culture & Tradition

Navratri Poems For Students And Children: Navratri is a nine-day grand celebration in India. During these days, devotees observe fasts and worship Goddess Durga. On this occasion several kinds’ of Jagraate, community poojas, community feasts and celebrations are organized in various parts of the country. In Hindus, this festival is given immense importance and treated as a festival of the …

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गौरी पुत्र गजानन देवात महान: मराठी भजन

Lord Ganesha Marathi Bhajan गौरी पुत्र गजानन देवात महान

गौरी पुत्र गजानन देवात महान हा शिवपुत्र गजानन देवातं महान, मंगल मंगल बोला मंगल मंगल ॥धृ॥ मुगुटाला हिरे शोभे रत्‍नजडितांचे, कानात कुंडल तेज पडे सुर्याचे, हो पडे सुर्याचे, गणपतीच्या गळ्यामध्ये शोभे पुष्पमला ॥१॥ गणपतीच्या भाळी शोभे केशराचा टिळा पिवळा पितांबर कटी शोभुनी दिसला पायात पैंजण आवाज रुणझुण झाला ॥२॥ शमी पत्री दुर्वा हरळी आवड मनाची सर्वांगी उटी शोभे लाल शेंदुराची, …

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गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया भजन: हरिहरन गणपती बाप्पा मोरया भजन, पुढच्या वर्षी लवकर या (गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ) मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे हो… मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे (गणपती बाप्पा …

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श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

Shri Ganesh Mantra and Aarti श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना सुखकर्ता दुखकर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची ॥१॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती। दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ।धृ०। रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा। चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा। हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा। रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती। दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ॥धृ०॥२॥ लंबोदर …

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श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन

Ganesh Chaturthi Marathi Bhajan श्री गणेशाचे भजन

श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन मंगलमूर्ती माझे आई, मजला ठाव द्याव पायीं॥१॥ सिद्धीबुद्धि मयुरामाई, मलजा ठाव द्यावा पायी॥२॥ श्रीगजानन जय गजानन, जय गजानन मोरया॥३॥ श्रीगणनाथ जय गणनाथ। मीं अपराधी घ्या पदरांत॥४॥ श्रीगजाननपद सेवावे, काया वाचा मनोभावें॥५॥ हेरंबमाय दाखवि पाय, दुजवीण मगेना करूं मीं काय॥६॥ गजानन, गजानना, पार्वतीच्या नंदना मोरया गजानना॥७॥ धांवत ये वा गणराया, दीनाते मज ताराया॥८॥ पायीं हळूहळू …

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आरती श्री गणेश जी की: Lord Ganesha Aarti

Lord Ganesha Aarti in Hindi आरती श्री गणेश जी की

आरती श्री गणेश जी की जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दंत दयावन्त, चार भुजा धारी। मस्तक सिन्दूर सोहे, मुसे की सवारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा। …

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श्री गणेश चालीसा: Ganesh Chalisa Lyrics in Hindi

Lord Ganesha Chalisa in Hindi श्री गणेश चालीसा

Shri Ganesh Chalisa (श्री गणेश चालीसा): Lord Ganesha is the son of Lord Shiva and the Divine Mother Parvati. Ganesh Chalisa (गणेश चालीसा) means “Forty verses (chaupais) on Ganesha. Lord Ganesh removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is an archetype of Wisdom and Beneficence. Ganesha removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is …

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कबीर के दोहे: Couplets of Kabir Das

Famous Kabir Das Ke Dohe कबीर के दोहे

Name Kabir Das / कबीर दास Born लगभग (1398 या 1440) लहरतारा, निकट वाराणसी Died लगभग (1448 या 1518) मगहर Occupation कवि, भक्त, सूत कातकर कपड़ा बनाना Nationality भारतीय कबीरदास भारत के महानतम कवी थे, इन्होने जीवन और उसके भीतर भावनाओ को अहम् बताया और मनुष्य को मार्गदर्शन दिया। इनके काव्य में कहीं भी धर्म का विषय नहीं था, ये …

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बुद्ध और नाचघर: हरिवंशराय बच्चन

बुद्ध और नाचघर - हरिवंशराय बच्चन

हरिवंश राय श्रीवास्तव “बच्चन” हिन्दी भाषा के एक कवि और लेखक थे। इलाहाबाद के प्रवर्तक बच्चन हिन्दी कविता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवियों मे से एक हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति मधुशाला है। भारतीय फिल्म उद्योग के प्रख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन उनके सुपुत्र हैं। उन्होने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। बाद में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में …

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जसोदा हरि पालनैं झुलावै: सूरदास

जसोदा हरि पालनैं झुलावै - सूरदास

जसोदा हरि पालनैं झुलावै: सूरदास – गोस्वामी हरिराय के ‘भाव प्रकाश’ के अनुसार सूरदास का जन्म दिल्ली के पास सीही नाम के गाँव में एक अत्यन्त निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके तीन बड़े भाई थे। सूरदास जन्म से ही अन्धे थे, किन्तु सगुन बताने की उनमें अद्भुत शक्ति थी। 6 वर्ष की अवस्था में ही उन्होंने अपनी …

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