Tag Archives: Inspirational folktales in Hindi

गुरु अर्जुन देव जी: मानवता के सच्चे सेवक

गुरु अर्जुन देव जी: मानवता के सच्चे सेवक

श्री गुरु अर्जुन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का सम्पादन भाई गुरदास जी की सहायता से किया और रागों के आधार पर गुरुग्रंथ साहिब जी में संकलित बाणियों का जो वर्गीकरण किया है, उसकी मिसाल मध्यकालीन धार्मिक ग्रंथों में दुर्लभ है। सिख धर्म में सबसे पहला बलिदान शांति के पुंज और शहीदों के सरताज पांचवें गुरु श्री …

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छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरक प्रसंग

छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरक प्रसंग

छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरक प्रसंग: एक बार छत्रपति शिवाजी महाराज जंगल में शिकार करने जा रहे थे। अभी वे कुछ दूर ही आगे बढे थे कि एक पत्थर आकर उनके सर पे लगा। शिवाजी क्रोधित हो उठे और इधर-उधर देखने लगे, पर उन्हें कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था, तभी पेड़ों के पीछे से एक बुढ़िया सामने आई …

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छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह

छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह

छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह: सरसा नदी पर जब श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी से छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह तथा बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी बिछुड़ गए तो उनको गुरु घर का रसोइया गंगू अपने गांव सहेड़ी ले आया। वहां से उसने मुखबरी करते हुए साहिबजादों और माता गुजरी जी को गिरफ्तार करवा …

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किसान की घड़ी: एकाग्रता पर प्रेरक हिंदी बाल-कहानी

किसान की घड़ी: एकाग्रता पर प्रेरक हिंदी बाल-कहानी

किसान की घड़ी: एक बार एक किसान की घड़ी कहीं खो गयी। वैसे तो घड़ी कीमती नहीं थी पर किसान उससे भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ था और किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहता था। उसने खुद भी घड़ी खोजने का बहुत प्रयास किया, कभी कमरे में खोजता तो कभी बाड़े तो कभी अनाज के ढेर में… पर तामाम …

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परमात्मा और किसान: बच्चों के लिए पौराणिक नीतिकथा

परमात्मा और किसान: बच्चों के लिए पौराणिक नीतिकथा

परमात्मा और किसान: एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया! कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये! हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जाये! एक दिन बड़ा तंग आ कर उसने परमात्मा से कहा, देखिये प्रभु, आप परमात्मा हैं, …

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चतुर सुनार: भारत की एक रोचक लोककथा बच्चों के लिए

चतुर सुनार

चतुर सुनार: एक समय की बात है – एक राजा था, जिसे अपने बुद्धिमान होने का बड़ा घमंड था। उसका विशवास था कि पूरे राज्य में एक भी ऐसा नही है, जो उसे धोका देकर साफ़ निकल जाए। एक दिन यह बात उसने मंत्रियों से कही। सबने हकमी भर दी, सिवाय एक के। राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ। “क्या तुम …

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महाराणा प्रताप की रानी: वीर राजपूत नारी की लोक कथा

महाराणा प्रताप की रानी - वीर राजपूत नारी की लोक कथा

महाराणा प्रताप की रानी: वीर राजपूत नारी की लोक कथा – वर्ष 1576 ई० में हल्दी घाटी का विकट युद्ध हुआ। यदि राणा चाहते तो अपने भाले की नोक से बाबर के घर का चिराग गुल कर देते, शहजादा सलीम के हाथी पर चेतक अपने अगले चरण रख चुका था। राजपूतों ने बड़ी वीरता दिखायी, मान का अभिमान विजयी हुआ। …

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सिद्धार्थ कुमार: भगवान बुद्ध के बचपन का किस्सा

सिद्धार्थ कुमार

बुद्ध भगवान का बचपन का नाम सिद्धार्थ कुमार है। महाराज शुद्धोदन ने उनके लिए एक अलग बहुत बड़ा बगीचा लगवा दिया था। उसी बगीचे में वे एक दिन टहल रहे थे। इतने में आकाश से हंस पक्षी चीखता हुआ गिर पड़ा। राजकुमार सिद्धार्थ ने दौड़कर उस पक्षी को लिया। किसी ने हंस को बाण मारा था। वह बाण अब भी …

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When Goddess Lakshmi Begged: Hindu Folktale

Wisdom Folktale about Diwali Festival: When Goddess Lakshmi Begged

Long Long ago there was a king in Jaisalmer whose name was Rawal Prithvi Singh. His kingdom was very prosperous. He built up his capital with latticed windows and large havelis (palaces). He also captured some areas of neighboring kingdoms. But he was not broadminded. His success made him unreasonable, foolish and haughty. One day, while he was in his …

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