Tag Archives: Funny Poems in Hindi

ऐसा नया साल: मनोज भावुक की नव वर्ष के विषय पर बेहतरीन कविता

ऐसा नया साल: मनोज भावुक की नव वर्ष के विषय पर बेहतरीन कविता

ऐसा नया साल: मनोज भावुक (born 2 January 1976) भोजपुरी में लिखने वाले एक भारतीय कवि, अभिनेता, टेलीविजन प्रस्तुतकर्ता और पटकथा लेखक हैं, जो भोजपुरी सिनेमा में सक्रिय हैं। उन्हें फिल्मफेयर और फेमिना भोजपुरी आइकॉन द्वारा “साहित्य में उत्कृष्ट योगदान” की श्रेणी में सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कई पुरस्कृत पुस्तकें लिखी हैं। वह भोजपुरी भाषा और साहित्य को …

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साल आया है नया: हुल्लड़ मुरादाबादी की हास्य कविता

साल आया है नया - हुल्लड़ मुरादाबादी

Hullad Moradabadi (29 May 1942 – 12 July 2014) was an Indian poet, humorist and satirist of Hindi language. He had authored several Hindi books including Itni uchi mat chodo, kya karegi chandni, Ye ander ki bat hai, Triveni and Hullad ka Hullad. He was a poet of Hindi Kavi sammelan. Born in Gujranwala, now in Pakistan as Susheel Kumar …

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काका की अमरीका यात्रा – काका हाथरसी

काका की अमरीका यात्रा - काका हाथरसी

काका की अमरीका यात्रा काका कवि पाताल को चले तरुण के संग अंग-अंग में भर रहे, हास्य व्यंग के रंग हास्य व्यंग के रंग, प्रथम अमरीका आए नगर-नगर में हंसी-ख़ुशी के फूल खिलाये कविता सुनकर मस्त हो गए सबके चोला कोका-कोला पर चढ़ बैठा काका-कोला। ठहरे जिन-जिन घरों में, दिखे अनोखे सीन बाथरूम में भी वहां, बिछे हुए कालीन बिछे …

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बड़ा दिन: क्रिसमस त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

बड़ा दिन: क्रिसमस त्यौहार पर हिंदी बाल-कविता

बड़ा दिन: 25 दिसंबर को बड़ा दिन कहा जाता है, इसका कारण है कि यूरोप में कुछ लोग जो ईसाई समुदाय से नहीं थे वे सूर्य के उत्तरायण के मौके को त्योहार के रूप में 25 दिसंबर को मनाया करते थे। इस दिन के बाद से दिन धीरे-धीरे बड़ा होना शुरू हो जाता है. यूरोप में इस दिन को गैर …

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क्रिसमस: क्रिसमस डे पर हिंदी बाल-कविता

Santa and the Christmas gift: Children's Story

क्रिसमस डे पर कविता: राहुल उपाध्याय   छुटि्टयों का मौसम हैत्योहार की तैयारी हैरौशन हैं इमारतेंजैसे जन्नत पधारी है।कड़ाके की ठंड हैऔर बादल भी भारी हैबावजूद इसके लोगों में जोश हैऔर बच्चे मार रहे किलकारी हैंयहाँ तक कि पतझड़ की पत्तियाँ भीलग रही सबको प्यारी हैंदे रहे हैं वो भी दानजो धन के पुजारी हैं।खुश हैं ख़रीदारऔर व्यस्त व्यापारी हैंखुशहाल …

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नया वर्ष द्वार पर: नए साल पर राकेश खण्डेलवाल की हिंदी बाल-कविता

Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर

नया वर्ष द्वार पर: राकेश खण्डेलवाल – ‘नव वर्ष‘ प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह सम्पूर्ण विश्व में एक बड़े उत्सव की तरह मनाया जाता है। अलग-अलग स्थानों पर नव वर्ष अलग-अलग विधियों से मनाया जाता है। स्थानीय कैलेण्डर के अनुसार विभिन्न देश एवं सम्प्रदाय के लोग अपना-अपना नव वर्ष अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं किन्तु अधिकांश …

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नया साल आएगा एक और संकल्प: वीणा सिंह चौधरी

नया साल आएगा एक और संकल्प: वीणा सिंह चौधरी

नया साल आएगा एक और संकल्प: वीणा सिंह चौधरी – भारत में नव वर्ष का आयोजन सभी लोग अपने धर्म के हिसाब से अलग-अलग दिनों में मनाते है लेकिन पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण ज्यादातर लोग अब 1 जनवरी को भी नव वर्ष का आयोजन करते है। हिन्दुओं का नया साल चैत्र नव रात्रि के प्रथम दिन यानी गुड़ी पड़वा …

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योग का महत्व: योग के लाभ एवं फायदों पर हिंदी बाल-कविता

योग का महत्व: योग के लाभ एवं फायदों पर हिंदी बाल-कविता

योग का महत्व: योग – अभ्यास का एक प्राचीन रूप जो भारतीय समाज में हजारों साल पहले विकसित हुआ था और उसके बाद से लगातार इसका अभ्यास किया जा रहा है। इसमें किसी व्यक्ति को सेहतमंद रहने के लिए और विभिन्न प्रकार के रोगों और अक्षमताओं से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यायाम शामिल हैं। यह ध्यान लगाने …

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आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी की बाल-कविता

आया वसंत - सोहनलाल द्विवेदी

आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी – Here is a simple poem on spring for children. The scenery described comprising the mustard fields and flowering of mango trees is something that many urban children today would not be familiar with. For old timers, these things arouse nostalgia. आया वसंत: सोहनलाल द्विवेदी आया वसंत आया वसंत छाई जग में शोभा अनंत सरसों खेतों …

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नया सूरज लायेंगे: कोरोना व ठंड से घर में बंद बचपन

नया सूरज लायेंगे: कोरोना व ठंड से घर में बंद बचपन

कोरोना व ठंड में दबा बचपन: कोरोना कॉल में घर पर रह कर बच्चे चिड़-चिडे़ हो गए हैं। 6 से 12 साल के बच्चों पर ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। बच्चों में भी डिप्रेशन के लक्षण दिख रहे हैं। खेलकूद बंद होने से बच्चों की दिनचर्या बदली है। बच्चों के बर्ताव में बदलाव दिख रहा है। स्कूल न …

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