Tag Archives: Courage Stories for Students

Fight, Manju, Fight!: Sigrun Srivastav

Fight, Manju, Fight!: Sigrun Srivastav

Fight, Manju, Fight!: Sigrun Srivastav – Manjula Parelkar knew she was no Hussain. She could never be, not with those hands of hers, those claw-like malformed fingers, just two of them, two on each hand. Why her hands too? Wasn’t it enough that her feet were deformed; ending in two massive moon-shaped toes pointing at each other, the hard nails …

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चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी …

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दिवाली की रात: दिवाली पर हिंदी जासूसी कहानी

Hindi Detective Story about Diwali and Thieves दीवाली की रात

दिवाली की रात: डॉ. मंजरी शुक्ला की हिंदी जासूसी कहानी चन्दन चौदह वर्षीय एक चंचल और चतुर लड़का था। घर से लेकर स्कूल तक सभी उसकी बुद्धिमानी का लोहा मानते थे। जितना वह पढ़ाई लिखाई में अच्छा था उतना ही खेल कूद में भी। हर साल की तरह इस बार भी उसने और उसके दोस्तों ने दिवाली को बड़े ही …

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Dance away your fears: Inspirational Teachers Day Story

Dance away your fears

Deepak hated the stage but this Teachers Day it was all set to change. Dance away your fears: Story by Manjari Shulka Deepak was reluctant to go to school, as the instructions from his class teacher rang in his mind. Yesterday, he had made it mandatory for all the students to participate in the Teachers Day celebrations. His mother sensed …

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Miracle Park: Story on importance of playgrounds in child development

Miracle Park: Story on importance of playgrounds in child development

Twelve year old Anil had just finished his breakfast when he heard his name being called. He came out. It was Azhar his best friend. “Have you heard Anil?” “Heard what Ajju?” Anil sighed and asked. It was Azhar’s habit to start every conversation with a question. “Someone is trying to destroy our Park and build a shopping complex in …

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पुनर्जन्म: महिला दिवस के उपलक्ष में एक कहानी

महिला दिवस के उपलक्ष में एक कहानी: पुनर्जन्म

अचानक ऐसा लगता हैं जैसे सब खत्म हो गया और दूसरे ही पल फिर सब कुछ पहले जैसा हो गया। क्या समुद्र के किनारे आराम से बैठकर मिट्टी के बड़े-बड़े महल बनाते बच्चों ने सोचा होगा कि केवल एक लहर, सिर्फ एक लहर ही काफ़ी हैं, अथक परिश्रम से बनाये गए उनके आलीशान महल को अपने साथ ले जाने के …

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देवी: उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा

Munshi Premchand Short Hindi Story Devi देवी

देवी: प्रेमचंद की लघुकथा देवी: उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा – रात भीग चुकी थी। मैं बरामदे में खड़ा था। सामने अमीनुद्दौला पार्क नींद में डूबा खड़ा था। सिर्फ एक औरत एक तकियादार बेंच पर बैठी हुई थी। पार्क के बाहर सड़क के किनारे एक फ़कीर खड़ा राहगीरों को दुआयें दे रहा था – खुदा और रसूल का वास्ता… …

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पूस की रात: कथा सम्राट प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी

Munshi Premchand's Short Hindi Story पूस की रात

पूस की रात: कथा सम्राट प्रेमचंद की लोकप्रिय कहानी – कथा सम्राट प्रेमचंद (31 जुलाई 1880 लमही, उत्तर प्रदेश, भारत – 8 अक्टूबर 1936 वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत) ने हिन्‍दी के खजाने में कई अनमोल रत्‍न जोड़े हैं। महज आठ साल की उम्र में प्रेमचंद की मां का स्वर्गवास होने और पिता द्वारा दूसरी शादी करने के चलते उनके बाल …

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माँ: गरीब विधवा माँ और उसके दृढ़ निश्चय की कहानी

माँ: गरीब विधवा माँ और उसके दृढ़ निश्चय की कहानी

अरे, मम्मी… आप क्यों पैरेंट टीचर मीटिंग में चल रही है और फिर से वही पुरानी हरी साड़ी पहनकर। दस साल का चिंटू चिढ़चिढ़ाता हुआ बोला। पर उसकी मम्मी तो ख़ुशी के मारे फूली ही नहीं समा रही थी। शहर के सबसे बड़े स्कूल में एक-एक पाई इकठ्ठा करके उसने अपने इकलौते बेटे का एडमिशन बड़ी मुश्किलों से करवाया था। …

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