Tag Archives: Compromise Stories for Students

A lesson for Rimi: Inspiring English Story of a Careless Student

A lesson for Rimi

What was the need to be careful when being careless was just enough, thought Rimi. Rimi was engaged in a massive search. She could not find her box of colours or her school uniform for Saturday. Her mother was busy repeating the same lecture she gave every morning. But Rimi didn’t bother to listen, as she was busy searching. A …

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मन्नत की दीवाली: अनाथालय के बच्चों के साथ दीवाली का त्योहार

Inspirational Hindi Story about Diwali Festival मन्नत की दीवाली

मन्नत की दीवाली: मैं आपसे कब से कह रही हूँ, पर आप मुझे इस दिवाली पर नई पेंसिल, नए पेन और नया बस्ता दिलवा ही नहीं रही है… मन्नत ने गुस्से से अपनी माँ से कहा। माँ भी दिवाली नज़दीक आने के कारण घर की साफ़ सफ़ाई कर रही थीI सुबह से लगातार काम करते हुए वो भी बुरी तरह …

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दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: शिक्षाप्रद कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

शिक्षाप्रद हिंदी कहानी: दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग

दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: “ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: मंजरी शुक्ला “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन …

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दिवाली की सच्ची रोशनी: प्रेरक लघुकथा विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

दिवाली की सच्च्ची रोशनी: प्रेरक लघुकथा

दिवाली की सच्ची रोशनी: पुराने समय की बात है। महीप नगर में रतनचंद और माणिकदत्त नामक दो व्यापारी रहते थे। दोनों ही नगर के सबसे अमीर व्यक्ति थे। वहां के राजा महीपाल बड़े ही न्यायप्रिय एवं प्रजा बत्सल थे। राजा को तरह-तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित करने का विशेष शौक था। एक बार दिवाली के समय उन्होंने घोषणा करवाई कि दिवाली …

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दिवाली के दिए: दिल छू लेने वाली कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए

Heart touching story about Diwali Festival दिवाली के दिए

दिवाली के दिए: पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। दिवाली के दिए उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध …

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चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी

चूहों की दिवाली: जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी …

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बिट्टू की दिवाली: प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी

बिट्टू की दिवाली: प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी

बिट्टू की दिवाली: प्रेरणादायक हिंदी बाल-कहानी – बहुत सारे पटाखे, मिठाई और नए नए कपड़े चाहिए मुझे इस दिवाली पर… कहता हुआ नन्हा बिट्टू पैर पटककर माँ के सामने जमीन पर ही लोट गया। उसकी मम्मी ने अपनी हँसी को दबाते हुए कहा – “हाँ – हाँ, सब ले आयेंगे”। यह सुनकर बिट्टू बड़े ही लाड़ से माँ के गले में …

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बड़े घर की बेटी: ग्रामीण घर गृहस्थी पर मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी

Munshi Premchand Short Story Bade Ghar Ki Beti in Hindi बड़े घर की बेटी

बड़े घर की बेटी मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानी है। इस कहानी में उन्होंने संयुक्त परिवार में उत्पन्न होने वाली समस्याओं, कलहों, बात का बतंगड़ बन जाने और फिर आपसी समझदारी से बिगड़ती परिस्थिति को सामान्य करने का हुनर को दर्शाया है। बड़े घर की बेटी में कहानीकार ने पारिवारिक मनोविज्ञान को बड़ी ही सूक्ष्मता से बेनीमाधव सिंह, …

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Adventures Of A Magic Turtle: English Short Story For Children

Adventures Of A Magic Turtle: English Short Story

Adventures Of A Magic Turtle: English Short Story – One winter afternoon, a little boy sat below a ‘neem‘ tree, next to a river. He was returning from school, and carried a large bag on his back. He looked very sad. And as he sat staring at the water, big fat tears started dripping from his eyes creating little round …

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बाबूजी: पितृ दिवस पर कहानी

पितृ दिवस पर कहानी: बाबूजी

पितृ दिवस पर कहानी: बाबूजी – जब ईश्वर जरुरत से ज्यादा झोली में गिर देता हैं तो वह भी मनुष्य के लिए अहंकार और पतन का कारण बन जाता हैं। ऐसा ही कुछ हुआ चाँदनी के साथ… सभ्य, सुशील और बेहद महत्वकांशी चाँदनी को जब महात्मा गाँधी के आदर्शों पर जीवन पर्यन्त चलने वाले ईमानदार और अकेले बाबूजी ने उसे …

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