Tag Archives: Children Hindi Poems

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 …

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श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन

Ganesh Chaturthi Marathi Bhajan श्री गणेशाचे भजन

श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन – गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है। कई प्रमुख जगहों पर भगवान …

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श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

Shri Ganesh Mantra and Aarti श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

श्री गणेश मन्त्र: हिंदू धर्म संस्कृति में श्री गणेश (Lord Ganesha) प्रथमपूज्य देवता है। भगवान श्री गणेश धन, बुद्धि, लक्ष्मी के दाता है। वे विघ्नों का हरण करके जीवन में शुभता देते हैं और सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण हो जाते हैं। उनके इन शुभ मंत्रों का जाप करने से जीवन की हर समस्या का समाधान पाया जा सकता है। यहां …

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आरती श्री गणेश जी की: Lord Ganesha Aarti

Lord Ganesha Aarti in Hindi आरती श्री गणेश जी की

आरती श्री गणेश जी की जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दंत दयावन्त, चार भुजा धारी। मस्तक सिन्दूर सोहे, मुसे की सवारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा। …

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श्री गणेश चालीसा: Ganesh Chalisa Lyrics

Lord Ganesha Chalisa in Hindi श्री गणेश चालीसा

Shri Ganesh Chalisa (श्री गणेश चालीसा): Lord Ganesha is the son of Lord Shiva and the Divine Mother Parvati. Ganesh Chalisa (गणेश चालीसा) means “Forty verses (chaupais) on Ganesha. Lord Ganesh removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is an archetype of Wisdom and Beneficence. Ganesha removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is …

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जनसंख्या: Hindi Poem about Over Population

Hindi Poem about Over Population जनसंख्या

भारत की अनेक समस्याओं का कारण यहाँ की तेजी से बढती हुई Population है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि इसे सख्या विस्फोट की संज्ञा दी जाती है। अर्थशारित्रयों का मत है कि भारत के लिए इस बढती हुई जनसंख्या की जरूरतो को पूरा करने के लिये पर्याप्त साधन नहीं हैं। आज हमारी जनसख्या लगभग एक अरब पाच करोड …

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झाँसी की रानी: सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस कविता

Subhadra Kumari Chauhan Veer Ras Hindi Poem झाँसी की रानी

झाँसी की रानी: सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस कविता – Subhadra Kumari Chauhan has authored a number of popular works in Hindi poetry. Her most famous composition is Jhansi Ki Rani, an emotionally charged poem describing the life of Rani Lakshmi Bai. The poem is one of the most recited and sung poems in Hindi literature. This and her …

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विद्रोह: प्रसिद्ध नारायण सिंह जी की भोजपुरी कविता

विद्रोह - प्रसिद्ध नारायण सिंह

विद्रोह: प्रसिद्ध नारायण सिंह – I recently visited Jhansi and as I am a great admirer or Rani Laxmibai, I went to see her palace, Jhansi Fort and museum. In the museum, I found a very nice poetry book related to the first freedom fight of India in 1857. In this book I found a truly remarkable poem in Bhojpuri, …

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गौरी पुत्र गजानन देवात महान: मराठी भजन

Lord Ganesha Marathi Bhajan गौरी पुत्र गजानन देवात महान

गौरी पुत्र गजानन देवात महान हा शिवपुत्र गजानन देवातं महान, मंगल मंगल बोला मंगल मंगल ॥धृ॥ मुगुटाला हिरे शोभे रत्‍नजडितांचे, कानात कुंडल तेज पडे सुर्याचे, हो पडे सुर्याचे, गणपतीच्या गळ्यामध्ये शोभे पुष्पमला ॥१॥ गणपतीच्या भाळी शोभे केशराचा टिळा पिवळा पितांबर कटी शोभुनी दिसला पायात पैंजण आवाज रुणझुण झाला ॥२॥ शमी पत्री दुर्वा हरळी आवड मनाची सर्वांगी उटी शोभे लाल शेंदुराची, …

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यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली। किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥ यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता। उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता॥ वहीं …

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