Tag Archives: Children Hindi Poems

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो: सूरदास

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो: सूरदास

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो: सूरदास हिन्दी साहित्य में भक्तिकाल में कृष्ण भक्ति के भक्त कवियों में अग्रणी है। महाकवि सूरदास जी वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने श्रृंगार और शान्त रसों का भी बड़ा मर्मस्पर्शी वर्णन किया है। उनका जन्म मथुरा-आगरा (Uttar Pradesh, India) मार्ग पर स्थित रुनकता नामक गांव में हुआ था। कुछ लोगों का …

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सफलता: ओमप्रकाश बजाज की प्रेरणादायक कविता

सफलता - ओमप्रकाश बजाज

मेहनत से सफलता मिलती है, उचित मूल्य चुकाना पड़ता है। सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए, ढेरों पसीना बहाना पड़ता है। लगन निष्ठा नियम उत्साहपूर्वक, जो कर्त्तव्य अपना निभाते है। निश्चित ही एक न एक दिन वह, जीवन में सफल हो जाते है। तिकड़म से भी कभी-कभी कुछ लोग, सफलता हतिया ले जाते है। देर-सवेर भांडा फूटने पर मगर, शर्मसार …

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बंदर आया: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

बंदर आया - अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is a simple poem on monkeys for children by the well known poet Ayodhya Singh Hariaudh. The era when madaris would go around with their damroo and monkeys dressed in colorful clothes and put up a street show of Bandar and bandaria, are now gone. Kids now do not get opportunity to see the performance of bandar on cue …

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कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

Here is an old classic written by Ayodhya Singh Upadhyaya Hariaudh. Hariaudh Ji (born 1865, died 1947) was one of the earliest poets of modern Hindi. Here he gives a evergreen prescription for success in life. कर्मवीर: अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ देख कर बाधा विविध बहु विघ्न घबराते नहीं रह भरोसे भाग के दुख भोग पछताते नहीं काम कितना ही …

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पिता की भावनाएं Father’s Day Special Hindi Poem

पिता की भावनाएं Father's Day Special Hindi Poem

पिता की भावनाएं: निशीथ द्विवेदी फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व हैं जिसमे पितृत्व (फादरहुड), पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। भारत और अनेक देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है। यह माता के सम्मान हेतु मनाये …

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ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए Father’s Day Funny Hindi Song

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी

ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए: आनंद बक्षी ठंडे ठंडे पानी से नहाना चाहिए गाना आये या ना आये गाना चाहिए बेटा बजाओ ताली गाते हैं हम कव्वाली बजने दो एक तारा छोड़ो ज़रा फव्वारा ये बाल्टी उठाओ ढोलक इसे बनाओ बैठे हो क्या ये लेकर ये घर है या है थिएटर पिक्चर नहीं है जाना बाहर नहीं है आना …

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प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ तितली उड़ती, चिड़िया उड़ती कुछ न कुछ करते रहना दादाजी की बड़ी दवात गरमी की छुट्टी का मतलब होगी पेपर लेस पढ़ाई सूरज चाचा पानी बनकर आऊँ नदी बनूँ शीत लहर फिर आई जीत के परचम पर्यावरण बचा लेंगे हम हँसी-हँसी बस, मस्ती-मस्ती खुशियों के मजे कंधे पर नदी बूंदों की चौपाल अपना फर्ज निभाता …

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मेरा नया बचपन: सुभद्रा कुमारी चौहान की हिंदी कविता

सुभद्रा कुमारी चौहान

मेरा नया बचपन: सुभद्रा कुमारी चौहान की हिंदी कविता – We all miss our childhood. That carefree time of fun without worries never returns. We are for ever stuck with the grown up world of endless worries, apprehensions and ambitions. Here is a very famous poem of Subhadra Kumari Chauhan about that lovely childhood. सुभद्रा कुमारी चौहान हिन्दी की सुप्रसिद्ध …

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बचपन: Short Hindi Poetry about Childhood

बचपन - वंश - Short Hindi Poetry about Childhood

बचपन जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। इसमें इतनी चंचलता और मिठास भरी होती है कि हर कोई फिर से इसे जीना चाहता है। बचपन में वह धीरे-धीरे चलना, गिर पड़ना और फिर से उठकर दौड़ लगाना बहुत याद आता है। पिताजी के कंधे पर बैठकर मेला देखने का जो मजा होता था वह अब नहीं आता है। …

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बचपन ही अच्छा था: WhatsApp से ली गयी कविता

बचपन ही अच्छा था

हम अक़सर कहते हैं, बचपन ही अच्छा था। कोई बड़ी परेशानी आती है और हमें किसी कारणवश उसका समाधान नहीं मिलता, तो यही भावना आती है, ‘बचपन ही अच्छा था’। अगर मैं अपनी बात करूं, तो मुझे तो कभी-कभी बच्चों से जलन भी होने लगती है। बचपन ही अच्छा था: WhatsApp से ली गयी कविता पूरी स्कूल लाईफ में सुबह˗सुबह …

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